नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिवशंकर मेनन ने कहा है कि भारत अगर खुद को एक महान शक्ति के रूप में देखना चाहता है तो उसे अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों के वापस लौटने को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए।
मेनन ने मंगलवार रात भारत-अमेरिका मैत्री संघ द्वारा आयोजित एक चर्चा के दौरान कहा, “अगर सबसे बुरा भी होता है तो उस स्थिति में भी केवल हम ही नहीं हैं, जो प्रभावित होंगे। हालांकि, मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा।”
मेनन ने कहा कि भारत को अफगानिस्तान को लेकर नहीं पाकिस्तान को लेकर चिंतित होना चाहिए।
मेनन उस समय एनएसए थे, जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को लेकर भारत का डर बेबुनियाद है।
उन्होंने कहा, “क्या आपने कभी अफगानी आतंकवादी देखे हैं? आप पाकिस्तानी आतंकवादी देखते हैं। हमारी समस्या पाकिस्तान है, अफगानिस्तान नहीं है।”
मेनन ने कहा कि अगर भारत खुद को अमेरिकी सैनिकों की वापसी के कारण डरा हुआ महसूस होने देता है, तो उसे ‘एक महान शक्ति समझे जाने का कोई हक नहीं है।’
भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर मेनन ने कहा कि आजादी के बाद से इस समय दोनों देशों की दोस्ती के सर्वश्रेष्ठ वर्षो का दौर चल रहा है।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी व्यापार नीतियों के संबंध में कहा, “इस समय खतरा आर्थिक है।”
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