नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद से शनिवार की दोपहर 12.15 बजे तक पूरे देश मेंबैंकों में दो लाख करोड़ रुपये जाम हुए।
जेटली ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक में ही शनिवार की दोपहर तक 47,868 करोड़ रुपये जमा हुए।”
उन्होंने बताया कि पूरे देश में सभी बैंकों में जमा हुई धनराशि का 20 फीसदी अकेले स्टेट बैंक में जमा हुआ है।
जेटली ने कहा कि किसी भी उद्योग या कारोबारी वर्ग को छूट नहीं दी जाएगी, क्योंकि वे बड़ी धनराशि में कारोबार करते हैं और इससे काले धन छिपाने वालों को मदद मिल सकती है।
जेटली ने कहा, “हम किसी तरह के वैध नकद लेनदेन या आभूषण की खरीदारी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। समाज के किसी वर्ग को किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। मुझे विभिन्न वर्गो से लगातार सैकड़ों अनुरोध आ रहे हैं कि उन्हें छूट दी जाए।”
उन्होंने बताया कि इस समय मुद्राचलन में बड़े नोटों का मूल्य 14 लाख करोड़ रुपये है और देखना है कि बैंकों में इनमें से कितने रुपये लौटकर आते हैं।
जनजीवन के सामान्य होने में लंबा समय लगने का संकेत देते हुए जेटली ने कहा, “यह एक वृहद स्तरीय अभियान है, जो अभी शुरू ही हुआ है। यह कितना वृहद होगा इसे इन आंकड़ों से अनुमान किया जा सकता है।”
जेटली ने यह भी कहा कि बैंकों के पास पर्याप्त मात्रा में नए नोट हैं, लेकिन देशभर की एटीएम मशीनों में नए नोटों के अनुरूप बदलाव करने में दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है।
उन्होंने कहा, “यह एक धीमी प्रक्रिया है। इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों की जगह नए नोटों को रातोंरात नहीं बदला जा सकता।”
जेटली ने यह भी बताया कि एटीएम मशीनों में पहले से बदलाव करने से अभियान की गोपनीयता समाप्त हो जाती।
जेटली ने कहा कि विपक्षी पार्टियों के आरोप के विपरीत विमुद्रीकरण की घोषणा से पहले सितंबर के सिवाय किसी महीने में बैंकों में धनराशि जमा करने में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज नहीं की गई है।
उन्होंने कहा, “सितंबर में भी इसमें वृद्धि इसलिए हुई, क्योंकि सातवें वेतन आयोग के लिए धनराशि का वितरण किया गया था।”
जेटली ने कहा कि इसलिए इन दावों में बिल्कुल दम नहीं है कि विमुद्रीकरण की जानकारी लीक की गई थी।
जेटली ने छुट्टियों में भी काम कर रहे बैंककर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक कितने ग्राहकों को निपटा रहे हैं इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि एसबीआई ने तीन दिनों से भी कम समय में 2.28 करोड़ लेन-देन किए हैं।
dharmpath.com dharmpath