नई दिल्ली/चंडीगढ़, 3 जून (आईएएनएस)। दिल्ली में पूर्व पुलिस महानिदेशक दिवंगत के.पी.एस.गिल के भोग (मृत्यु बाद का संस्कार) के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि ‘सुपरकॉप’ एक बहादुर अधिकारी थे, जो जानते थे कि अग्रिम मोर्चे पर नेतृत्व किस तरह करना है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “उनके निधन से मैंने एक मित्र खो दिया। ऐसा कई पीढ़ियों में होता है कि आपको एक ऐसा शख्स मिलता है, जो राह छोड़ जाता है, जैसा गिल ने किया।”
पंजाब के पुलिस महानिदेशक के पद पर रहते हुए गिल ने राज्य से उग्रवाद के खात्मे में अहम भूमिका निभाई थी। उनका 26 मई को 82 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली में निधन हो गया।
उन्होंने कहा, “गिल ने जिस वक्त राज्य में पुलिस की कमान संभाली थी, वह दौैर कुछ ऐसा था कि सूर्यास्त के बाद पुलिस थाने बंद हो जाया करते थे।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “उनके द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई से पुलिस का मनोबल ऊंचा हुआ और सन् 1990 के दशक की शुरुआत से चीजें बदलनी शुरू हुईं।”
पंजाब में उग्रवाद के दौर में ‘सुपरकॉप’ के मातहत काम करने वाले प्रदेश के वर्तमान पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने कहा कि राज्य में उग्रवाद के दौरान गिल ने जिस तरह से पुलिस का नेतृत्व किया, उसने पुलिस अधिकारियों तथा कर्मियों की नजर में उन्हें मसीहा बना दिया।
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