अमिताभ ने शशि कपूर से जुड़ी यादें ताजा की

मुंबई, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। महानायक अमिताभ ने दिवंगत अभिनेता शशि कपूर से जुड़ी यादों को ताजा किया। शशि कपूर का लंबी बीमारी के बाद 79 साल की उम्र में निधन हो गया।

मुंबई, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। महानायक अमिताभ ने दिवंगत अभिनेता शशि कपूर से जुड़ी यादों को ताजा किया। शशि कपूर का लंबी बीमारी के बाद 79 साल की उम्र में निधन हो गया।

अमिताभ ने अपने ब्लॉग में लिखा, “एक कैप्शन में पढ़ा – पृथ्वी राज कपूर के बेटे, राज कपूर और शम्मी कपूर के छोटे भाई शशि कपूर आगामी फिल्म से बॉलीवुड में आगाज करने जा रहे हैं। यह पढ़कर मेरे मन में दुविधा पैदा हुई, मैंने अपने आप से कहा कि इनके जैसे लोगों के इर्द-गिर्द होने पर मेरे लिए बॉलीवुड में टिके रहने की संभावना बिल्कुल नहीं है।”

अमिताभ ने कहा कि साल 1969 में जब वह हिंदी फिल्म उद्योग से परिचित हो रहे थे, तो एक सामाजिक समारोह में उनकी मुलाकात शशि कपूर से हुई।

अमिताभ ने लिखा, “शशि कपूर ! कहकर अपना परिचय देते हुए उन्होंने अपना गर्माहट भरा नरम हाथ बढ़ाया। उनके चेहरे पर मुस्कान और आंखों में चमक थी। उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं थी। हर कोई उन्हें जानता था, लेकिन यह उनकी विनम्रता थी।”

उन्होंने लिखा, “जब उन्होंने बात की तो उनकी आवाज में सज्जनता, शरारतपन और सौम्यता थी।”

अमिताभ (75) की बेटी श्वेता की शादी रितु नंदा के बटे व राज कपूर के नाती निखिल नंदा से हुई है।

अमिताभ ने लिखा कि शशि बीमार चल रहे थे। अपनी प्रिय पत्नी जेनिफर के गुजर जाने के बाद वह कहीं न कहीं अकेला महसूस करते थे। इससे पहली बार अस्पताल में उनके भर्ती होने के दौरान मैं कई बार उन्हें देखने गया।

अभिनेता ने कहा कि इसके बाद वह फिर दोबारा उन्हें नहीं देखने गए।

अभिनेता ने लिखा, “लेकिन मैं दोबारा उन्हें देखने नहीं गया। मैं जा भी नहीं सकता था। मैं कभी भी अपने इस खूबसूरत दोस्त और ‘समधी’ को उस अवस्था में नहीं देखना चाहता था, जिस अवस्था में मैंने उन्हें अस्पताल में देखा था और मैंने उन्हें आज भी नहीं देखा ..जब उन्होंने (शशि के संबंधियों ने) मुझे सूचित किया कि वे चल बसे हैं।”

दोनों अभिनेताओं ने ‘सुहाग’, ‘दीवार’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘सिलसिला’, ‘नमक हराम’ और ‘कभी-कभी’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया।

अमिताभ ने कहा कि शशि कपूर प्यार से उन्हें ‘बबुआ’ बुलाते थे।

अभिनेता ने लिखा, “और उनके निधन के साथ ही मेरे और उनके जीवन के कई अविश्वसनीय, बिना पढ़े हुए अध्याय भी चले गए।”

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