नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) के तहत आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जलापूर्ति, सीवरेज नेटवर्क जल निकासी (ड्रेनेज), शहरी परिवहन और सार्वजनिक एवं हरित स्थलों में बढ़ोतरी के लिए 4,404 करोड़ रुपये निवेश को मंजूरी दी।
शहरी विकास सचिव, राजीव गाबा की अध्यक्षता वाली अंतर-मंत्रालय शीर्ष समिति ने इन आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की राज्यस्तरीय वार्षिक कार्य योजनाओं (एसएएपी) को मंजूरी दी है।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, कर्नाटक को 1,625 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 877 करोड़ रुपये, बिहार को 775 करोड़ रुपये, तेलंगाना को 555 करोड़ रुपये, हरियाणा को 525 करोड़ रुपये, नागालैंड को 40 करोड़ रुपये, दादरा एवं नगर हवेली को 3.70 करोड़ रुपये और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को 3.18 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
बयान के अनुसार, इन आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल मिलाकर 2,085 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मुहैया कराई जाएगी, जिसमें कर्नाटक को 772 करोड़ रुपये, बिहार को 388 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 352 करोड़ रुपये, तेलंगाना को 277 करोड़ रुपये, नागालैंड को 36 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
इसके अलावा, दो केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कुल परियोजना खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
अमृत के तहत पांच साल की मिशन अवधि के लिए 50,000 करोड़ रुपये की कुल प्रतिबद्ध केंद्रीय सहायता राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित की जाती है, जो शहरी आबादी और हर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में वैधानिक शहरी स्थानीय निकायों की संख्या पर आधारित होती है।
इससे पहले चालू वित्त वर्ष अर्थात 2016-17 के दौरान शहरी विकास मंत्रालय ने 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अटल मिशन के तहत 19,213 करोड़ रुपये के कुल निवेश को मंजूरी दी।
इसके साथ ही कुल मंजूर निवेश 23,627 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जिसके तहत प्रतिबद्ध केंद्रीय सहायता 8,655 करोड़ रुपये की है।
बयान में कहा गया है कि पिछले वर्ष जून माह में लांच किए गए ‘अटल मिशन’ के तहत 500 मिशन शहरों के नगरीय क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में कुल मिलाकर 44,401 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत कुल प्रतिबद्ध केंद्रीय सहायता 20,634 करोड़ रुपये की है।
बयान के अनुसार, अटल मिशन के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने शहरी क्षेत्रों में जल निकासी नेटवर्क को सुधारने के लिए 1,146 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव किया है। वर्ष 2015-16 के दौरान इस संबंध में 281 करोड़ रुपये के निवेश को स्वीकृति दी गई थी, जबकि शहरी विकास मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में अब तक 759 करोड़ रुपये के निवेश को स्वीकृति दी है।
बयान के अनुसार, मिशन के तहत सभी शहरी परिवारों को जलापूर्ति कनेक्शन सुनिश्चित करने के साथ ही प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर की दर से जलापूर्ति को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है।
dharmpath.com dharmpath