नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल नेता व केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने अमेठी मेगा फूड पार्क शुरू करने में ‘नाकामी’ के लिए गुरुवार को परोक्ष रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा।
उत्तर प्रदेश में फूड पार्क न होने से संबंधित संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में बादल ने कहा, “अमेठी में मेगा फूड पार्क के निर्माण को साल 2010 में मंजूरी मिली थी, लेकिन साल 2014 तक उन्होंने (राहुल) उसकी कोई सुध नहीं ली।”
उन्होंने कहा कि अमेठी से निर्वाचित सांसद अपनी तरफ से इस ओर ध्यान दे सकते थे और पार्क का निर्माण सुनिश्चित कर सकते थे।
मंत्री ने अमेठी फूड पार्क को रद्द करने के फैसले का बचाव किया लेकिन साथ ही जोड़ा कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही कुछ मेगा फूड पार्को की स्थापना होगी, क्योंकि मंत्रालय को इसके लिए नए प्रस्ताव मिल चुके हैं। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के सत्ता में आने के बाद खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने अमेठी में मेगा फूड पार्क के सैद्धांतिक निर्माण की मंजूरी (पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के कार्यकाल में मिली थी मंजूरी) को रद्द कर दिया था। रद्द करने के पीछे मंत्रालय ने इस बात का हवाला दिया था कि प्रमोटर 45 महीनों के दौरान जरूरी भूमि का अधिग्रहण करने में असफल रहे, जबकि इसके लिए मात्र छह महीने की समय सीमा तय की गई थी।
अमेठी फूड पार्क के रद्द होने के मुद्दे को राहुल गांधी द्वारा उठाने पर पिछले साल लोकसभा में काफी हंगामा हुआ था। उन्होंने मंजूरी को रद्द करने के लिए राजग सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
हरसिमरत कौर बादल ने हालांकि बाद में आरोप लगाया कि पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान प्रमोटर कंपनी धोखाधड़ी करना चाहती थी और उसने फूड पार्क की जगह एक विद्युत संयंत्र स्थापित करने का प्रयास किया था।
बादल ने पिछले साल कहा था, “फूड पार्क के राजस्व मॉडल को देखने के बाद हमने पाया कि अनुमानित राजस्व की 62 फीसदी से अधिक राशि फूड पार्क की अन्य इकाइयों को वाणिज्यिक दर पर बिजली बेचकर आएगी और केवल लगभग 18 फीसदी राजस्व शीत गृह तथा खाद्य प्रसंस्करण को बिजली देकर उत्पन्न होगा।”
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