वाशिंगटन, 28 जून (आईएएनएस)। जर्मन कार निर्माता कंपनी वोक्सवैगन उत्सर्जन घोटाले में अमेरिकी कार मालिकों और सरकार के साथ किए गए समझौते के बाद 14.7 अरब डॉलर का हर्जाना भरेगी।
समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते की विस्तृत जानकारी सोमवार को कई मीडिया हाउसों के हाथ लग गई। हालांकि अभी इसे आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है। क्योंकि इस मामले की सैन फ्रांसिसको की एक अदालत में मामला चल रहा है और गुरुवार को इसकी सुनवाई होनेवाली है।
यह लीक अदालत में समझौते की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कुछ घंटे पहले हुई, जिसमें उपभोक्ता, संघीय और कैलिफरेनिया प्रांत की सरकार और वोक्सवैगन के बीच समझौता हुआ।
न्यूयार्क टाइम्स ने अपने ऑनलाइन संस्करण में कहा है कि वोक्सवैगन ने करीब 10 अरब डॉलर आरक्षित रखा है, ताकि 2015 के उत्तरार्ध में सामने आए इस घोटाले से पहले की कीमत में कंपनी अपने बेचे गए वाहनों को वापस खरीद सके।
इसके अलावा वाहनों की वजह से पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए वोक्सवैगन पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) को 2.7 अरब डॉलर अलग से मुआवजा भरेगी।
अमेरिका के अधिक उत्सर्जन से प्रभावित वोक्सवैगन के करीब 5 लाख वाहन मालिक अगर कंपनी के इंजीनियरों द्वारा किए गए समाधान से संतुष्ट नहीं होंगे तो वोक्सवैगन अपनी बेची हुई कार उनसे वापस खरीदेगी।
वोक्सवैगन के डीजल इंजनों में अमेरिकी सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक उत्सर्जन होता था, जिसे सरकारी अधिकारियों और जांच एजेंसियों की नजर से छुपाने के लिए वोक्सवैगन ने अपनी कारों के सॉफ्टवेयर में धोखाधड़ी की थी। यह सॉफ्टवेयर जहां जांच के दौरान इंजन से निकलने वाली नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा को कम दिखाता था।
कंपनी ने इस समस्या को जो तकनीकी समाधान अपने ग्राहकों को दिया है, उससे नाइट्रोजन का ऑक्साइड का उत्सर्जन तो घटकर मानक स्तर तक आ गया है, लेकिन इससे कार की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिसे कार मालिक शायद ही पसंद करें।
वोक्सवैगन पर अभी भी अमेरिका के न्याय विभाग, संघीय अपराध आयोग और दर्जन भर प्रांतीय जांच एजेंसियों द्वारा आपराधिक जांच का मामला चल रहा है।
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