नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भारत ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ उसके मजबूत होते रिश्ते का रूस और चीन जैसे देशों के साथ संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा और न ही इसके कारण गुट निरपेक्ष आंदोलन (नाम) जैसे मंचों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता कम होगी।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यहां संवाददाताओं से कहा, “यह सच है कि हमने अभी अमेरिका के साथ बातचीत बढ़ा दी है। लेकिन इसका रूस और चीन के साथ हमारे रिश्ते पर असर नहीं पड़ेगा। और न ही भारत-अमेरिका के मजबूत होते रिश्ते का हमारे राष्ट्रीय हितों पर असर होगा।”
उन्होंने कहा कि इसका नाम पर भारत के दशक पुराने रुख में नरमी आने का भी कोई सवाल नहीं उठता।
उन्होंने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने खुद कहा है कि नाम हमारी विरासत जैसा है।”
विदेश मंत्री ने इस बात पर भी संतोष जताया कि अमेरिका ने भारत को अपने प्रमुख रक्षा सहयोगी का स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अन्य मुद्दों पर निश्चित समय में काम किया जाएगा।
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