नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी दूतावास ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के उस आरोप से इनकार किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि दूतावास के अधिकारियों ने उनसे वीजा दस्तावेज के लिए पगड़ी उतारने को कहा था।
दूतावास ने एक बयान में कहा, “अमेरिका न तो धर्म के आधार पर भेदभाव करता है और न ही धार्मिक परिधान की मनाही करता है।”
बयान में आगे कहा गया है, “वीजा आवेदन प्रक्रिया के दौरान नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास व्यक्ति से पगड़ी या अन्य धार्मिक परिधान उतारने को नहीं कहता। न ही हमलोग वीजा आवेदन प्रक्रिया के दौरान फोटो जमा करने के लिए किसी व्यक्ति से पगड़ी उतारने को कहते हैं।”
उत्तर प्रदेश के राजपूत मस्त पगड़ी उतारने को कहने से व्यथित होकर अमेरिकी दूतावास का वीजा अस्वीकार कर अपने निर्वाचन क्षेत्र भदोही लौट गए।
मस्त पेशे से किसान हैं और वह हमेशा परंपरागत भगवा पगड़ी में नजर आते हैं। उन्हें अमेरिकी दूतावास की ओर से अमेरिका जाने और भारतीय कृषि तकनीक पर एक व्याख्यान देने का निमंत्रण मिला था।
भाजपा सांसद ने दूतावास पर इस मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
मस्त ने आईएएनएस से कहा, “मुझसे निश्चित रूप से मेरी पगड़ी उतारने को कहा गया। वे झूठ बोल रहे हैं।”
दूतावास ने कहा है कि हर साल भारत स्थित अमेरिकी दूतावास सभी धर्मो व जातीय समूहों के भारतीय नागरिकों को घूमने, काम करने या पढ़ाई के लिए 10 लाख से अधिक वीजा जारी करता है और यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।
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