जिला न्यायाधीश चार्ल्स ब्रेयर ने पहले कंपनी को 2.0 लीटर और 3.0 लीटर डीजल वाहनों के लिए समाधान पेश करने के लिए 24 मार्च तक का समय दिया था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को में हुई सुनवाई में जर्मन कार निर्माता कंपनी और अमेरिकी न्याय विभाग ने ब्रेयर से कहा कि दोनों की वार्ता हो रही है तथा उन्हें और समय चाहिए।
अब तक हुई प्रगति को देखते हुए न्यायाधीश ने समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध मान लिया।
यदि वाहन कंपनी 21 अप्रैल तक समाधान पेश नहीं करेगी, तो 2016 के मध्य में उसे मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।
कंपनी पर वर्ष 2008 से डीजल वाहनों में जांच के दौरान प्रदूषण स्तर घटा कर दिखाने के लिए इंजन में एक सॉफ्टवेयर लगाने का आरोप है। अमेरिकी न्याय विभाग ने इसके लिए कंपनी पर जनवरी में 46 अरब डॉलर जुर्माने की मांग करते हुए मुकदमा किया है।
कंपनी द्वारा डीजल कारों में डिफीट डिवाइस लगाने के कारण उसकी कारें जांच के दौरान कम उत्सर्जन करती थीं, लेकिन साधारण परिवहन के दौरान मानक से 40 गुना अधिक नाइट्रोजन ऑक्साइड छोड़ती थी, जिसके कारण श्वसन की समस्या पैदा होने का खतरा रहता है।
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