वाशिंगटन, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी वायुसेना के बी-52 स्ट्रेटोफोटर्र्ेस बमवर्षक विमानों ने एक प्रशिक्षण मिशन के तहत इस सप्ताह दक्षिण चीन सागर के ऊपर से उड़ान भरी।
अमेरिका-प्रशांत वायु सेना के अनुसार, बमवर्षक विमान ने मंगलवार को गुआम द्वीप स्थित एंडरसन हवाई अड्डे से उड़ान भरी।
अमेरिकी सेना के एक अधिकारी ने शुक्रवार को समाचार चैनल सीएनएन को बताया कि अमेरिका के दो बमवर्षक विमानों ने स्प्रैटली द्वीप समूह पर उड़ान भरी। इस द्वीप समूह पर चीन अपना दावा करता है।
चीन ने स्प्रैटली की भोगौलिक विशेषताओं का इस्तेमाल कृत्रिम द्वीप समूह बनाने में किया है। इनमें से कुछ को बीजिंग ने सैन्य सुविधाओं से लैस किया है।
अधिकारी ने ‘सीएनएन’ को बताया कि चीनी सेना ने अमेरिकी विमान के मार्ग में कोई बाधा उत्पन्न नहीं की।
इन द्वीपों के मकसद के सवाल पर अमेरिकी सेना के प्रशांत कमान के प्रमुख पद के लिए ट्रंप प्रशासन के उम्मीदवार एडमिरल फिलिप डेविडसन ने कांग्रेस को इस महीने बताया कि चीन इन द्वीपों का इस्तेमाल दक्षिण चीन सागर पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए कर रहा है।
उन्होंने कहा, “चीन काफी समय से दक्षिण चीन सागर पर अपनी दावेदारी पेश कर रहा है। मेरा मानना है कि वह वहां अपना सैन्य ठिकाना स्थापित करना चाहता है, जिससे उन्हें दुनिया के उस क्षेत्र के माध्यम से वायु और समुद्री मार्गो पर नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।”
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