तेहरान-ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद डेढ महीने का वक्त बीच चुका है. मार्च की शुरुआत में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक के साथ उनका अंतिम संस्कार तय हुआ था, जो युद्ध के चलते टल गया. उसके बाद से अब तक अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार क्यों नहीं हुआ? आइये समझते हैं.
फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ ईरानी अमेरिकन कम्युनिटीज (OIAC) के आर सेपेहरराद (Dr. Ramesh Sepehrrad) ने बताया, आमतौर पर, ऐसे धार्मिक शासन वाले लोगों का मानना होता है कि उनके मृतकों को 24 घंटों के भीतर दफना दिया जाना चाहिए.
सेपेहरराद कहते हैं, 45 दिन बीत चुके हैं, और शासन में मोजतबा के मृत पिता अली खामेनेई को सार्वजनिक रूप से दफनाने का आत्मविश्वास नहीं है. यह ईरान के वर्तमान शासन के भीतर ऊपर से नीचे तक फैले डर का एक संकेत है. अयातुल्ला अली खामेनेई के दफनाने में हो रही लंबी देरी, इस्लामिक गणराज्य के भीतर गहराते संकट का संकेत है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नरमपंथी, जो ट्रंप के साथ समझौते पर जोर दे रहे हैं, उन्हें ‘खत्म’ किए जाने का खतरा है, क्योंकि शासन के भीतर दरारें गहरी होती जा रही हैं.
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