पटना, 10 मार्च (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी में मैथिली रंगमंच को नया आयाम दे रही नाट्य संस्था ‘अरिपन’ के मंच पर कथक नृत्यांगना सलोनी मल्लिक के नृत्य ने दर्शकों को मुग्ध किया। सलोनी ने महाकवि विद्यापति की मैथिली रचना ‘जय जय भैरवि’ के भावों को अपनी भाव-भंगिमा से जीवंत किया।
‘अरिपन’ के वार्षिकोत्सव पर आयोजित समारोह का शुभारंभ नृत्यांगना सलोनी के नृत्य से हुआ। ‘जय जय भैरवि’ गीत में मां दुर्गा के रौद्र रूप काली का वर्णन है। दानवों से युद्ध के समय काली का रूप कैसा था, किस तरह अस्त्रों का प्रहार कर उन्होंने दानवों का संहार किया और शवों पर शोभित हुईं, यह सलोनी की भाव-भंगिमा से मंच पर साकार हुआ। बिहार सरकार के मंत्री मदन मोहन झा ने नृत्यांगना सलोनी मल्लिक को प्रशस्तिपत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया।
गुरुवार की देर शाम हुए इस समारोह में मंत्रेश्वर झा लिखित मैथिली नाटक ‘किए चुप अछि बसंती’ का मंचन हुआ। अंत में कलाकारों को पुरस्कृत भी किया गया। नाटक का कथानक नारी पर अत्याचार केंद्रित था, जिसमें सवाल उठाया गया कि बार-बार स्त्री को ही क्यों अग्निपरीक्षा देनी पड़ती है।
नाटक के कलाकार प्रियंका झा, रुचि रानी, अनुराग कपूर, क्षमाकांत ठाकुर, रंजन ठाकुर, संजीव झा, नितेश कुमार, विनोद मिश्र, अंतेश झा, रवींद्र बिहारी राजू, मैल्सी शरण, मैथिली और योगेंद्र राय के अभिनय ने दर्शकों को भाव-विभोर किया।
इस अवसर पर राष्ट्रभाषा परिषद की चार किताबों का लोकार्पण भी किया गया।
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