इटानगर, 27 जनवरी (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राज्य के कामकाज की कमान संभाल चुके राज्यपाल जे.पी. राजखोवा ने बुधवार को अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की कहीं भी कोई समस्या न हो।
एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। राज्यपाल ने मंगलवार को मुख्य सचिव रमेश नेगी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक में यह निर्देश दिया। उन्होंने बैठक में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।
राजभवन के प्रवक्ता आतुम पोतोम ने कहा, “राज्यपाल ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे सुनिश्चित करें कि राज्य में कानून व्यवस्था की समस्या न हो। आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए कानून का शब्दश: पालन किया जाए।”
राज्यपाल ने मुख्य सचिव से कहा कि वह सभी विभागों और दफ्तरों को सर्कुलर जारी कर निर्णय लेने में पूरी पारदर्शिता बरतने, विभिन्न कार्ययोजनाओं पर अमल करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहें।
राजखोवा ने कहा, “राष्ट्रपति शासन के तहत सुशासन और भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन को सुनिश्चित किया जाए। यही अरुणाचल के लोगों की अपेक्षा है।”
वित्तीय मामलों में राज्यपाल ने कहा कि सरकारी कर्मियों को वेतन के भुगतान और अवकाश प्राप्त कर्मियों को पेंशन के भुगतान को प्राथमिकता दी जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री नाबाम तुकी, पूर्व मंत्रियों और अन्य को सुरक्षा देने के मामले में राज्यपाल ने कहा, “किसी को सुरक्षा संबंधी कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। विधानसभा के सभी सदस्यों को नियमों के हिसाब से सुरक्षा दी जाएगी।”
राज्यपाल ने लोक निर्माण विभाग आयुक्त से इटानगर-नाहरलागुन की सड़क की मरम्मत समेत राज्य की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने को कहा।
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