नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी नौसेना की एडमिरल मिशेल होवर्ड ने गुरुवार को कहा कि असहिष्णुता तथा धार्मिक कट्टरवाद वैश्विक सुरक्षा के अहम खतरे हैं।
मिशेल होवर्ड अमेरिकी नौसेना की यूरोप एवं अफ्रीका की कमांडर हैं।
भू-राजनैतिक सम्मेलन ‘रायसीना डायलॉग’ के द्वितीय संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि असहिष्णुता तथा धार्मिक कट्टरवाद के खतरों से निपटने के लिए मजबूत बहुपक्षीय फोरम की जरूरत है और नाटो बहुपक्षवाद का एक ‘मॉडल’ है।
उन्होंने कहा, “असहिष्णुता तथा धार्मिक कट्टरवाद वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खतरे हैं। खासकर तब जब दुनिया भर के देशों के बीच संपर्क बढ़ने से वैश्विक सुरक्षा में तब्दीलियां आ रही हैं। नाटो लोकतांत्रिक नीतियों का बचाव करना जारी रखेगा।”
होवर्ड ने कहा कि संयुक्त रक्षा को लेकर एक बहुपक्षीय संगठन के रूप में 28 सदस्यीय नाटो बहुपक्षवाद का एक ‘मॉडल’ है।
उन्होंने कहा, “नाटो कई देशों को सहयोगी वार्ता में भी शामिल करता है और यह संयुक्त रक्षा की एक बेहतरीन अवधारणा है।”
अटलांटिक तथा प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के व्यापार में हो रहे बदलाव की ओर इशारा करते हुए एडमिरल ने कहा कि यह वैश्विक व्यापार का आकार भी तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ नाटो का संबंध यूरोप की सुरक्षा का अहम हिस्सा है और अफ्रीकी संघ के साथ संबंध आशाजनक तथा फलदायक है।
एक सवाल के जवाब में होवर्ड ने कहा कि नाटो तथा यूरोपीय संघ अपनी गतिविधियों का समन्वय कर रहे हैं।
तीन दिवसीय ‘रायसीन डायलॉग’ में 65 देशों के 250 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्घाटन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
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