बेंगलुरू, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय चिकित्सकों और मेडिकल के विद्यार्थियों के सफेद कोट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिए जाने से अस्पतालों में संक्रमण घट सकता है। यह खुलासा एक शोध में हुआ है।
बेंगलुरू के येनेपोया मेडिकल कॉलेज के एडमंड फर्नाडीज ने कहा, “लंबी बांह के कोट से संक्रमण फैलता है और मरीजों के लिए नुकसानदेह होता है।”
उन्होंने कहा, “हर अस्पताल में एक समिति होनी चाहिए, जो वहां संक्रमण पर नजर रखे और आवश्यक उपचार करे।”
फर्नाडीज ने बताया कि यह शोध जर्नल द बीएमजे में प्रकाशित हुआ है। उन्होंने कहा, “आसान उपाय यह होगा कि भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय अस्पतालों में चिकित्सकों और विद्यार्थियों के सफेद कोट पहनने पर प्रतिबंध लगा दे, जो संक्रमण के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है।”
फर्नाडीज ने कहा, “यद्यपि चिकित्सकों के लंबी बांह के सफेद कोट पहने की परंपरा 19वीं सदी से चली आ रही है, लेकिन अब हमें पता चला है कि लंबी बांह के सफेद कोट से अस्पताल में और मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है।”
उन्होंने कहा कि भारत में अस्पतालों में जगह कम होती है और कपड़े वगैरह बदलने के लिए स्थान दुर्लभ होता है, इसलिए विद्यार्थी और चिकित्सक बाहर से ही कोट पहनकर अस्पताल में आते हैं। कई बार उनके कोट कुर्सी, टेबल, अस्पताल के कॉरिडोर में रखे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार यह भी देखा जाता है कि कनिष्ठ या प्रशिक्षु चिकित्सक, मॉल या सिनेमाघरों में भी सफेद कोट पहन कर जाते हैं और यही कोट पहनकर अस्पताल आ जाते हैं।
फर्नाडीज ने बताया कि 2007 में ब्रिटेन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चिकित्सकों के पूरी बांह के सफेद कोट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
फर्नाडीज ने कहा, “सफेद कोट पहनना एक प्रतीक मात्र ही है और यह पेशेवराना रवैये का परिचय नहीं है।”
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