रांची, 22 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास को सत्ता संभाले छह महीने बीत गए हैं, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ कि उनके मंत्रिमंडल में 12वें सदस्य को कब शामिल किया जाएगा।
झारखंड विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या 82 है, जिसमें एक आंग्ल-भारतीय समुदाय का मनोनीत सदस्य भी है। कानून के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 12 सदस्य हो सकते हैं।
रघुबर ने 28 जून को पदभार ग्रहण करने के छह महीने पूरे कर लिए, उनके साथ तीन अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली थी।
उन्होंने इसके बाद अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, जिसके बाद मंत्रिमंडल के सदस्यों की संख्या 11 हो गई थी।
झारखंड-विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के आठ में से छह सदस्य चुनाव बाद पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
इनमें से दो को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया। 12वें मंत्री का स्थान अभी भी खाली है।
भाजपा के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि मुख्यमंत्री ने विद्रोही विधायकों को शांत करने के लिए 12वां पद खाली रखा है।
जेवीएम-पी के दो पूर्व सदस्यों को मंत्रिमंडल में स्थान देने पर भाजपा के अंदर मतभेद है।
2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (एजेएसयू) ने क्रमश: 39 तथा चार सीटें जीती थीं।
मुख्य विपक्ष, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) चाहता है कि राज्यपाल रिक्त स्थान पर ध्यान दें।
इससे पहले दो मौके पर राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंत्रिमंडल में 12वें सदस्य को शामिल किया था।
सत्तारूढ़ भाजपा ने हालांकि कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है और मुख्यमंत्री जब चाहेंगे 12वें मंत्री को शामिल करेंगे।
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