हैदराबाद, 6 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के गुंटूर में अनशनरत पूर्वक तेलुगू अभिनेता एवं भाजपा नेता शिवाजी को बुधवार को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया।
शिवाजी राज्य को विशेष दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चार दिनों से अनशन पर थे। बुधवार को उनकी हालत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया।
शिवाजी की बिगड़ती हालत को देखते हुए चिकित्सकों के एक समूह ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी, जिसके बाद पुलिस अनशन स्थल पर पहुंची और शिवाजी को अपने साथ अस्पताल ले गई।
शिवाजी के समर्थकों ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस उन्हें एंबुलेंस में बिठाने और अस्पताल ले जाने में कामयाब रही।
इससे पूर्व शिवाजी के प्रशंसकों और समर्थकों ने उनकी मांग को लेकर केंद्र और सरकार के उदासीन रवैये के विरोध में सड़क जाम कर दिया, जिससे अनशन स्थल पर खासा तनाव उत्पन्न हो गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शिवाजी ने केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर राज्य को विशेष दर्जा देने के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए तीन मई को अमरण अनशन शुरू किया था।
शिवाजी ने कहा था कि वे तब तक अनशन नहीं तोड़ेंगे, जब तक केंद्र सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी राज्य को विशेष दर्जा देने के अपने वादे से मुकरने के लिए निशाना साधा।
आंध्र प्रदेश के विभाजन और पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के समय आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था। पिछले संसदीय चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसे विशेष राज्य का दर्जा देने का वचन दिया था।
शिवाजी के अनशन शुरू करने के बाद कई संगठनों के नेताओं ने उनका समर्थन किया था। यहां तक कि प्रमुख विपक्ष वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी शिवाजी के अनशन का समर्थन किया था।
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