आंध्र प्रदेश : श्री सिटी बना प्रदेश का निवेश हब

Mr.Zhong Baoshen, Board Chairman LONGi & Mr.Ravindra Sannareddy, MD Sri ...नई दिल्ली, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश स्वयं को निवेश हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है। मौजूदा समय में निवेश को लेकर पूरी दुनिया में होड़ सी मच गई है। दुनियाभर के नेता अपने देश में निवेश लाने के लिए विभिन्न देशों का दौरा कर रहे हैं। निवेश की दृष्टि से भारत एक बड़ा बाजार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे निवेश के लिए बेहतर संभावनाओं वाले देश के रूप में देखा जा रहा है।

मोदी ने ठीक एक साल पहले 23 सितंबर 2014 को देश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का शुभारंभ किया था और इस एक साल में विभिन्न देश भारत में निवेश का खाका पेश कर चुके हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने इसी उद्देश्य के साथ इस साल अप्रैल में चीन की यात्रा की थी। इस दौरान उनका पूरा जोर चीनी कंपनियों को आंध्र प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। नायड़ू के विकास दावों और निवेश के लिए सूबे में बढ़िया माहौल देने के आश्वासन के साथ वह अपने उद्देश्य में सफल भी हुए हैं।

चीन की वैश्विक सौर ऊर्जा उपकरण कंपनी ‘शियान लॉन्जी सिलिकॉन मैटेरियल्स कॉर्पोरेशन’ ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में श्री सिटी के प्रबंध निदेशक रविंद्र सनारेड्डी और लॉन्जी के अध्यक्ष बाओशेन झोंग ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू का उद्देश्य प्रदेश की श्री सिटी में सौर सेल और मॉडयूल उत्पादन इकाई की स्थापना करना है।

सनारेड्डी ने कहा, “यह परियोजना कुल 8,000 करोड़ रुपये की है, जिसमें से पहले चरण में 1,670 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।”

लॉन्जी प्रदेश में 1,000 मेगावाट की क्षमता के सौर सेल, 1,000 मेगावाट की क्षमता के सौर मॉडयूल, 500 मेगावाट क्षमता के बिजली पार्क की स्थापना करेगी।

सनारेड्डी ने आईएएनएस को बताया, “श्री सिटी में लॉन्जी का निवेश महत्वपूर्ण है। इससे राज्य में सौर बिजली उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ में भविष्य में निवेशकों को यहां निवेश करने का प्रोत्साहन भी मिलेगा।”

इस अवसर पर सूबे के मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि पहली बार चीन की ओर से इतना बड़ा निवेश प्रस्ताव आया है। उन्होंने सौर ऊर्जा को स्थाई आर्थिक विकास के लिए सबसे अच्छा विकल्प बताते हुए चीनी कंपनी को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार द्वारा 21 दिनों के भीतर कंपनी को सभी आवश्यक मंजूरियां दे दी जाएंगी ताकि जल्द से जल्द परियोजना पर काम शुरू किया जा सके। उन्होंने उत्पादन के लिए चौबीस घंटे बिजली और पानी की उपलब्धता का भी आश्वासन दिया।

गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती का शिलान्यास करने वाले हैं, जिसके बाद अमरावती राज्य की आधिकारिक तौर पर राजधानी बन जाएगी। अमरावती को सिंगापुर की तर्ज पर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। स्विस चैलेंज पद्धति के जरिए अमरावती को ग्रीन सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस संबंध में सिंगापुर आंध्र प्रदेश सरकार को पहले ही मास्टर प्लान सौंप चुका है। स्विस चैलेंज पद्धति के तहत निजी क्षेत्र की कंपनियां सरकारी परियोजनाओं में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं।

आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद प्रदेश को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसलिए यहां के स्थानीय निवासियों और आगंतुकों को हर तरह की सुविधाएं देना नायडू सरकार के लिए चुनौतीभरा है। श्री सिटी को सौर ऊर्जायुक्त बनाना और अमरावती को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करना इन्हीं विकास परियोजनाओं का हिस्सा है।

श्री सिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष रमेश सुब्रमण्यम ने आईएएनएस को बताया, “श्री सिटी में चीनी निवेश के साथ शुरू हुई ये परियोजनाएं एक आदर्श के रूप में स्थापित होगी, जिसे यकीनन आगे चलकर अन्य राज्य और देश भी अपनाएंगे।”

आंध्र प्रदेश ने स्वयं को निवेश हब के रूप में पेश करने के लिए निवेशकों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में छोटी से लेकर बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं। पेप्सिको इंडिया ने श्री सिटी में अपना सबसे बड़ा संयंत्र लगाने के लिए लगभग 1,200 करोड़ रुपये का निवेश किया है तो वहीं टैक्सी फर्म ओला ने भी राज्य में 150 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके साथ ही विप्रो, वालमार्ट और हीरो समूह जैसी कंपनियों ने भी आंध्र प्रदेश की श्री सिटी में निवेश के लिए समझौते किए हैं।

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