नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि आंध्र प्रदेश के बंटवारे के वक्त किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। इससे पहले उच्च सदन में इस मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने सवाल उठाया था।
आंध्र प्रदेश को बांटकर नए राज्य तेलंगाना का 2014 में गठन किया गया।
जेटली ने राज्यसभा में कहा, “14वें वित्त कमीशन की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए हम जो भी वादा किया गया था, उसमें से हर एक को पूरा करेंगे।”
मंत्री ने कांग्रेस के सदस्यों द्वारा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य घोषित करने की मांग का जवाब देते हुए यह कहा।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, “लंबे समय की मांग के बाद तेलंगाना राज्य का गठन किया गया। हैदराबाद एक बड़ा मुद्दा था। सलाह-मशविरे के बाद हैदराबाद को तेलंगाना की राजधानी बनाने का फैसला किया गया। लेकिन आंध्र प्रदेश को राजस्व का नुकसान हो रहा है।”
आजाद ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में आंध्र प्रदेश को पांच सालों के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की घोषणा की थी। इसके अलावा विभिन्न कर छूट देने की भी बात कही थी।
आजाद ने कहा, “मैं पूछना चाहता हूं कि विशेष दर्जे का क्या हुआ।”
उनका साथ देते हुए कांग्रेस सदस्य दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि उस समय भारतीय जनता पार्टी के सदस्य विपक्ष में थे जो आंध्र प्रदेश को 10 सालों के विशेष दर्जा देने की मांग कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “वेंकैया नायडू ने इसे 10 सालों तक करने की मांग की थी। तो अब आप सत्ता में हैं तो अपना वादा पूरा करें।”
इसके बाद कुछ कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास आकर इस मुद्दे पर शोरगुल करने लगे।
विपक्षी सदस्यों को शांत करते जेटली ने कहा कि सरकार अपने सभी वादों को पूरा करेगी।
उन्होंने कहा, “सरकार आंध्रप्रदेश के बंटवारे के बाद किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। आंध्र प्रदेश को होनेवाले राजस्व हानि का एक-एक पैसा और एक-एक रुपया केंद्र सरकार पूरा करेगी।”
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