नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि आईआरसीटीसी, आईआरएससी और इरकॉन जैसे सरकारी क्षेत्र के रेलवे उद्यमों के शेयरों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा।
लोकसभा में आम बजट 2017-18 प्रस्तुत करते हुए जेटली ने कहा कि सरकार समेकन, विलय और अधिग्रहणों के जरिए केंद्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों को सुदृढ़ करेगी और जल्द ही एकीकृत सरकारी क्षेत्र ‘ऑयल मेजर’ का सृजन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अंतर्गत वंचित वर्गो को ऋण देने में उल्लेखनीय योगदान के बारे में जेटली ने कहा कि इस योजना के तहत बजट लक्ष्य दोगुना कर 2.44 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
जेटली ने कहा कि शेयर बाजारों में चिन्हित सरकारी क्षेत्र के उद्यमों को समयबद्ध रूप से सूचीबद्ध करने के लिए सरकार संशोधित तंत्र प्रक्रिया लागू करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में घोषित विनिवेश नीति जारी रहेगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि 10 सीपीएसई के शेयरों से बने एक्सचेंज ट्रेड फंड (ईटीएफ) को हाल ही में बढ़िया प्रतिक्रिया मिली है। सरकार शेयरों में आगे विनिवेश के लिए इटीएफ का उपयोग करती रहेगी। उन्होंने कहा कि इसी अनुसार विविधीकृत सीपीएसई स्टॉकों और अन्य सरकारी धारिता के साथ एक नया ईटीएफ 2017-18 में शुरू किया जाएगा।
जेटली ने कहा कि बैंकों के स्ट्रेस्ड लीगेसी अकाउंट के समाधान पर विशेष ध्यान देना जारी रहेगा। शोधन, अक्षमता और दिवालियापन संहिता अधिनियम और सरफेसी तथा ऋण वसूली अधिकरण अधिनियमों में संशोधन कर समाधान सुविधाजनक बनाने के लिए कानूनी ढांचे को सुदृढ़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘इन्द्रधनुष’ कार्ययोजना की तर्ज पर 2017-18 में बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 2017-18 में ऋण देने के लिए 2.44 लाख रुपये का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें दलितों, जनजातियों, पिछड़े वर्गो, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
जेटली ने कहा कि दलितों, जनजातियों और महिला उद्यमियों को हरित क्षेत्र उद्यम स्थापित करने तथा रोजगार सृजक बनने में सहायता के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया था। इस योजना के जरिए 16,000 से अधिक नए उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण, परिधान, डायग्नोस्टिक सेंटर जैसे विविध कार्य करने लगे हैं।
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