नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल के काठमांडू से 546 भारतीय नागरिकों को सकुशल भारत लाने के बाद भारतीय वायुसेना के जवानों ने भूकंप से एक दिन पूर्व बुरी तरह प्रभावित हुए इलाकों से लोगों को, खासतौर से स्थानीय लोगों को निकालने के लिए उड़ानें भरी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर ने यहां कहा कि नेपाल की सेना के सहयोग से भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने 21 उड़ानों के जरिए 171 लोगों को सुरक्षित निकाला है। आईएएफ ने एमआई-17-वी5 और 2-एमआई-17 हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है।
कर ने कहा, “आईएएफ ने भूकंप से बुरी तरह प्रभावित जिलों -गोरखा, धाडिंग, रासुवा, सिंधुपालचौक, कवरेपालनचोक और दोलखा- में नेपाली सेना के दिशानिर्देशन में नेपाल सरकार के सहयोग के लिए हवाई सर्वेक्षण किया है।”
प्रवक्ता ने कहा, “कुछ और उड़ानें जारी हैं। हमारी योजना है कि बुरी तरह से प्रभावित घाटियों में यदि हेलीकॉप्टरों के उतरने की स्थिति नहीं बनती है तो वहां राहत सामग्री गिराई जाए। आईएएफ के हेलीकॉप्टर सुबह से ही बिना रुके उड़ रहे हैं।”
आईएएफ के विमानों ने रविवार सुबह तक 546 भारतीय नागरिकों को सकुशल बाहर निकाला। इसमें कई नवजात शिशु भी थे। भूकंप के ताजा झटकों की वजह से बचाव अभियान दोपहर 1.30 से 4.00 बजे के बीच रोक दिया गया। काठमांडू हवाईअड्डे को भी तभी से अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
काठमांडू से यहां पहुंचने वाला पहला आईएएफ का विमान सी-130जे सुपर हक्र्युलिस था, जिसमें 55 यात्री थे और यह विमान रात 10.45 बजे दिल्ली पहुंचा। इनमें चार नवजात शिशु भी शामिल थे। इसके बाद सी-17 ग्लोबमास्टर 3 विमान आधी रात के बाद यहां पहुंचा। इसमें 101 यात्री सवार थे, जिसमें एक नवजात शिशु भी था।
रविवार के शुरुआती घंटों में आईएल-76 विमान काठमांडू से 152 यात्रियों को लेकर दिल्ली पहुंचा। तड़के लगभग 4.45 बजे अन्य सी-17 ग्लोबमास्टर 3 विमान 247 भारतीयों को लेकर भारत पहुंचा।
हालांकि, भारतीय रक्षा बलों ने नेपाल में खोज और बचाव अभियान तेज करने का फैसला किया है।
कर ने कहा, “आज 10 विमानों को काठमांडू भेजने की योजना है, जिनमें अस्पताल और इंजीनियरिंग कार्यबल, चिकित्सा कर्मी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के दस्तों के साथ आवश्यक उपकरण, पानी, भोजन, कंबल और तंबू भेजे जाएंगे।”
कर ने कहा कि रविवार को हेलीकॉप्टर भी भेजने की योजना है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एमआई हेलीकॉप्टर सहित छह और हेलीकॉप्टरों को पहले से तैयार रखा गया है।
सबसे पहले एक हल्के एमआई हेलीकॉप्टर को काठमांडू के लिए रवाना किया गया, जिसके बाद पांच एमआई-17 हेलीकॉप्टर गोरखपुर से रवाना किए गए। कर ने कहा, “भारत चार और हेलीकॉप्टरों को राहत कार्यो के लिए नेपाल भेजेगा, जिनमें भारतीय वायुसेना के दो एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं।”
नेपाल में विनाशकारी भूकंप और कई शक्तिशाली झटकों से 2,130 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग घायल हो गए। भूकंप से नेपाल में बड़े स्तर पर तबाही हुई है। इस भूकंप से भारत भी प्रभावित हुआ है।
नेपाल में शनिवार पूर्वाह्न् 11.41 बजे 7.9 तीव्रता वाला भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र राजधानी काठमांडू से महज 75 किलोमीटर दूर लामजुंग जिले में था। भूकंप के बाद 50 से अधिक झटके (ऑफ्टरशॉक) महसूस किए गए।
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