राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के मुख्य कैरिजवे का निर्माण 23 माह के रिकॉर्ड समय में किया गया है। एक्सप्रेस-वे आगरा से शुरू होकर जनपद फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर नगर तथा उन्नाव होते हुए लखनऊ तक पहुंचेगा। एक्सप्रेस-वे परियोजना की खास बात ये है कि 10 जिलों के 232 गांवों में लगभग 3500 हेक्टेयर भूमि 30 हजार 456 किसानों से आपसी सहमति से बिना किसी विवाद के क्रय की गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों के आपातकाल में ऑपरेशन के लिए एक्सप्रेस-वे पर देश के पहले एयर स्ट्रिप का भी निर्माण किया गया है। एक्सप्रेस-वे के किनारे जनपद मैनपुरी तथा कन्नौज मंे अति विशिष्ट मंडियों की स्थापना की जा रही है।
साथ ही, स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और फिल्म सिटी की भी स्थापना एक्सप्रेस-वे किनारे प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे के बन जाने से तमाम उद्योगों जैसे-कृषि, हैंडीक्राफ्ट, पर्यटन तथा दुग्ध उद्योग का विकास होगा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट को विकसित करने के लिए लगभग 3 लाख पौधे रोपित किए जा रहे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के माध्यम से लखनऊ से आगरा की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे में तथा आगे दिल्ली तक की दूरी मात्र पांच से छह घंटे में तय की जा सकेगी। एक्सप्रेस-वे से यात्रा करने से समय मंे बचत के साथ-साथ वाहनों के इंधन की खपत में भी कमी आएगी।
dharmpath.com dharmpath