धर्मपथ:आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई आगे निकलने की चाह में है और इस वजह से कई बार व्यक्ति जाने-अनजाने में गलत रास्ते पर चल पड़ता है. जब व्यक्ति गलत कर्मों में लिप्त हो जाता है तो वह भूल जाता है कि उसे इन कर्मों की सजा भी भुगतनी पड़ेगी. लेकिन संतों व महापुरुषों हमेशा यही सिखाते हैं कि हर कर्म की फल कभी न कभी जरूर मिलता है. इस विषय पर प्रेमानंद महाराज में भी बहुत गहरी बात कही है जो कि जीवन में बहुत काम आएगी.
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि इंसान गलत कर्म करने के बाद दुनिया से छिपाता है और सोचता है कि किसी को पता नहीं चलेगा. लेकिन कर्मों का लेखा-जोखा हमेशा चलता रहता है और उसी के आधार पर हमें फल मिलता है. बुरे कर्म किसी न किसी रूप में सामने जरूर आते हैं. जीवन में आ रहे दुख व परेशानियां बुरे कर्म का फल भी हो सकते हैं.
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि जिस तरह बुरे कर्म दुख व परेशानी के रूप में सामने आते हैं. उसी प्रकार अच्छे कर्म भी कभी व्यर्थ नहीं होते हैं और उनका फल अवश्य मिलता है. महाराज जी का कहना है कि ग्रंथों में भगवान शिव ने भी यही कहा है कि जो मनुष्य कर्म में अकर्म देखता है वह पापी है और जो अकर्म में भी कर्म देखता है वह बुद्धिमान है.
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि अगर आपको आज अपने कर्मों का फल नहीं मिल रहा तो फल की चिंता छोड़ दें. अगर आपने अच्छे कर्म किए हैं तो आज नहीं तो कल आपको उसका शुभ फल जरूर मिलेगी. वहीं यदि आपने बुरे कर्म किए हैं तो याद रखिए कि किसी न किसी रूप में उसकी सजा जरूर मिलेगी.
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