इस्लामाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ ‘जर्ब-ए-अज्ब’ अभियान के दो साल पर अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि आतंकवाद के खतरे के खात्मे का काम अभी पूरा नहीं हुआ है और इसके लिए बहुत कुछ करना अभी बाकी है।
इंटर-सर्विसिस पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अभियान के प्रारंभ में लगभग 3,600 वर्ग किलोमीटर जमीन से आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया है। यह आंकड़ा संघ शासित कबायली इलाकों तथा उत्तरी वजीरिस्तान में 4,304 वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया है और अब तक आतंकवादियों के 992 अड्डों को तबाह किया गया है।
उन्होंने कहा, “उत्तरी वजीरिस्तान में आतंकवादियों की भर्ती जारी है और देश भर में आत्मघाती जैकेटों का प्रसार हो रहा है। उसपर नियंत्रण किया गया है।”
बाजवा ने कहा, “शॉल घाटी में कुछ इलाके हैं, जहां उनका सफाया करना है।”
आईएसपीआर प्रमुख ने कहा कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के पास से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि उन्हें अमेरिकी सैनिकों से चुराए गए हैं।
बाजवा ने कहा कि अभियान में घने जंगल व शॉल घाटी तथा दत्ताखेल की ऊंचाई जैसी चुनौतियां हैं।
उन्होंने कहा, “कबायलियों को यहां आतंकवादियों से सदा के लिए छुटकारा मिल गया है। इसके लिए स्थानीय व सशस्त्र बलों ने काफी मुश्किलें झेलीं और बलिदान किया।”
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