नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार क्रिकेट संघ के सचिव आदित्य वर्मा ने बुधवार को सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कामकाज को देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) को बोर्ड में तथाकथित तौर पर हुए फोन टैपिंग और ई-मेल हैकिंग मामले में एक पत्र लिखा है।
नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार क्रिकेट संघ के सचिव आदित्य वर्मा ने बुधवार को सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कामकाज को देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) को बोर्ड में तथाकथित तौर पर हुए फोन टैपिंग और ई-मेल हैकिंग मामले में एक पत्र लिखा है।
वर्मा ने अपने पत्र में समिति से बीसीसीआई के पूर्व अधिकारियों के आदेश पर ब्रिटेन की कंपनी पीपीएस सिक्योरटी और अन्य खुफिया एजेंसियों द्वारा आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों के तथाकथित फोन टैप और ई-मेल हैकिंग मामले की जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा है।
आदित्य ने अपने पत्र में लिखा है, “बीसीसीआई ने लंदन स्थित पीपीएस सुरक्षा एजेंसी को 18 करोड़ रुपये फोन टैपिंग और ई-मेल हैंकिंग जैसे गैरकानूनी काम के लिए दिए थे। जब शशांक मनोहर बीसीसीआई के अध्यक्ष बने तो मैंने उन्हें इस बारे में लिखा था। मैं लिखा था कि बीसीसीआई सरकार की मंजूरी के बिना बीसीसीआई के बड़े और प्रभावशाली अधिकारियों के फोन टैप और ई-मेल हैक करने के लिए किसी सुरक्षा एजेंसी को कैसे नियुक्त कर सकती है।”
उन्होंने लिखा है, “मनोहर ने इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति जिसमें अजय शिर्के और गंगू राजू थे, का गठन किया था, लेकिन आज की तारीख तक इस मामले का कुछ परिणाम नहीं आया है।”
उन्होंने लिखा है, “मैंने 09.05.15 को और 09.06.15 को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस मामले की जांच के लिए पत्र लिखा था। मैंने 01.11.2016 को लोढ़ा समिति को भी जांच के लिए पत्र लिखा था। इस मामले में याचिकाकर्ता होने के नाते मैं इससे बेहद दुखी हूं।”
उन्होंने अपने पत्र में अपील करते हुए लिखा है, “मेरी प्रशासक समिति से यह गुजारिश है कि बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से समिति को इस मामले से संबंधित सभी जरूरी कागजात सौंपने को कहें।”
आदित्य वर्मा स्पॉट फिक्सिंग मामले में याचिकाकर्ता हैं।
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