नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को बोट क्लब और जंतर मंतर में प्रदर्शन करने पर लगे ‘पूर्ण प्रतिबंध’ को हटाने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की सराहना की और इसे आम लोगों के अधिकार की जीत बताया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “मैं मध्य दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार को बरकरार रखने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की सराहना करता हूं। दिल्ली को पुलिस राज्य में तब्दील करने का निर्णय लोकतंत्र के लिए खतरनाक था और इसे रद्द कर सर्वोच्च न्यायालय ने ठीक किया।”
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि जंतर मंतर और राजपथ पर बोट क्लब के समीप विरोध प्रदर्शनों पर ‘पूर्ण प्रतिबंध’ नहीं लग सकता।
न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने विरोध और सुरक्षा जरूरतों के बीच संतुलन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को इन दोनों स्थानों पर विरोध को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करना होगा।
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने निर्णय को ‘लोगों के अधिकारों और लोकतंत्र की जीत बताया।’
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार इन क्षेत्रों में स्थायी तौर पर धारा 144 लागू कर दिल्ली पुलिस का दुरुपयोग कर रही थी। यह स्वतंत्र देश में रह रहे लोगों के मूलभूत सिद्धांतों को चोट पहुंचा रहा था।”
एनजीओ ‘मजदूर किसान शक्ति संगठन’, ‘द इंडियन एक्स-सर्विसमेंस मूवमेंट’ और अन्य ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर एनजीटी के फैसले को चुनौती दी थी। एनजीटी ने इन स्थानों पर धरना प्रदर्शनों पर रोक लगा दी थी।
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