नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारत का मुक्त व्यापार करार (एफटीए) आज दोगुना होकर लगभग 42 तक पहुंच गया है। एफटीए देशों के साथ व्यापार पहले की तुलना में काफी अधिक बढ़ा है। इसमें आयात की मात्रा निर्यात से अधिक रही है, क्योंकि भारत में शुल्क दरें अपेक्षाकृत ज्यादा हैं, लिहाजा एफटीए साझेदारों की तुलना में भारत के शुल्क दरों में भारी गिरावट आई है।
यह बात शुक्रवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 में कही गई है।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सर्वेक्षण संसद में पेश किया। सर्वेक्षण के अनुसार, आसियान के साथ एफटीए के मामले में भारत को निर्यात में 33 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि एवं आयात में 79 प्रतिशत वृद्धि के साथ व्यापार प्रवाह के दोनों ओर से लाभ हासिल हुआ।
सर्वेक्षण के अनुसार, अन्य देशों के साथ एफटीए की तुलना में आसियान के साथ एफटीए से व्यापार में काफी अधिक वृद्धि हुई है और आयात पक्ष में धातु जैसे कुछ उद्योगों में व्यापार अधिक हुआ है। निर्यात के लिहाज से एफटीए से वस्त्रों में विशेष रूप से आसियान बाजारों में गतिशीलता बढ़ी है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि किसी एफटीए का व्यापार पर समग्र प्रभाव सकारात्मक एवं संख्या की दृष्टि से उल्लेखनीय है। एफटीए के वर्ष और आसियान, जापान एवं कोरिया के साथ व्यापार के वर्ष 2013 के बीच संचयी प्रभाव लगभग 50 प्रतिशत के बराबर है। भारत का एफटीए देशों के साथ बढ़ा हुआ व्यापार अधिक दक्ष गैर एफटीए देशों से आयातों के डायवर्जन के कारण नहीं है।
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