पटना, 26 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी में इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा के लिए जिलाधिकारी ने इस वर्ष अनोखा प्रयोग किया है। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने चार परीक्षा केंद्रों को ‘नारी शक्ति परीक्षा केंद्र’ घोषित किया है।
पटना, 26 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी में इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा के लिए जिलाधिकारी ने इस वर्ष अनोखा प्रयोग किया है। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने चार परीक्षा केंद्रों को ‘नारी शक्ति परीक्षा केंद्र’ घोषित किया है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इस वार्षिक परीक्षा के केंद्रों में न सिर्फ महिलाएं वीक्षण का कार्य संभाल रही हैं, बल्कि सुरक्षा की जिम्मेवारी भी महिला पुलिस पर है।
पटना के गर्दनीबाग व शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, मीठापुर स्थित दयानंद कन्या उच्च विद्यालय और बांकीपुर स्थित राजकीय बलिका उच्च विद्यालय को ‘नारी शक्ति परीक्षा केंद्र’ बनाया गया है। इन चारों परीक्षा केंद्रों में कुल 4047 छात्राएं परीक्षा दे रही हैं।
पटना जिले के एक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इन चारों केंद्रों पर न केवल सभी परीक्षार्थी महिला (छात्राएं) हैं, बल्कि केंद्राधीक्षक, वीक्षक, पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल, जोनल मजिस्ट्रेट व उड़नदस्ता दल का नेतृत्व भी महिलाएं ही कर रही हैं। इसके अलावा बैंक के लॉकर से प्रश्नपत्र केंद्र तक लाने और वापस जमा करने की जिम्मेवारी भी महिलाओं को ही दी गई है।
बांकीपुर स्थित राजकीय बलिका उच्च विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि परीक्षा केवल परीक्षा देने और लेने तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इससे समाज को एक शिक्षा भी मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर पटना के चार परीक्षा केंद्रों की जिम्मेवारी पूरी तरह महिलाओं को सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के सफल संचालन से यह तय हो गया है कि अगर महिलाओं को जिम्मेवारी दी जाए तो ऐसा कोई भी कारण नहीं है कि वे उसे पूरा न कर सकें।
अग्रवाल ने बताया कि इन केंद्रों पर पहले से तैनात पुरुष कर्मचारियों को हटाकर दूसरे केंद्र पर भेज दिया गया है।
जिलाधिकारी के इस प्रयोग से न केवल स्कूल के प्राचार्य और महिलाकर्मी खुश हैं, बल्कि परीक्षा दे रही छात्राएं भी खुश हैं। बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च विद्यालय में परीक्षा दे रहीं कंचनबाला बताती हैं कि जिलाधिकारी की यह पहल स्वागतयोग्य है।
उन्होंने कहा कि अन्य दिन केंद्र के बाहर काफी लोगों का जमावड़ा लगा रहता था, लेकिन शुक्रवार को यहां काफी कम लोग नजर आए।
उल्लेखनीय है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा बुधवार को शुरू हुई थी। इसके लिए राज्यभर में कुल 1,110 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
पांच मार्च तक चलने वाली इस परीक्षा में राज्यभर से 11 लाख 57 हजार 950 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिसमें छह लाख 71 हजार 567 छात्र और चार लाख 86 हजार 383 छात्राएं हैं।
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