नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। 2015-16 के आर्थिक सर्वेक्षण में भ्रष्टाचार रोधी कानून में संशोधन की सिफारिश की गई है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि हाल के दिनों में नौकरशाह कुछ संवैधानिक प्रावधानों के कारण निर्णय लेने में कोताही बरत रहे थे।
संसद में शुक्रवार को पेश सर्वेक्षण में कहा गया है, “यह एक व्यापक धारणा बन गई है कि हाल के दिनों में नौकरशाहों ने त्वरित और ठोस निर्णय लेने में कोताही बरती है, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिला है।”
सर्वेक्षण में कहा गया है कि कुछ खास तरह के आर्थिक मुद्दों पर काम करने के लिए क्षमता, प्रशिक्षण और विशेष ज्ञान की जरूरत को पूरा करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
इसमें हालांकि कहा गया कि नौकरशाही के स्तर पर निर्णय लेने में कोताही का प्रमुख कारण भ्रष्टाचार रोधी कानून के कुछ प्रावधान हैं जिनका हाल के वर्षो में इस्तेमाल किया गया है।
सर्वेक्षण में भ्रष्टाचार निरोधक कानून में संशोधन की बात कही गई है जो फिलहाल राज्यसभा में अटकी हुई है।
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