नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय वॉलीबाल महासंघ (वीएफआई) के अध्यक्ष अवधेश चौधरी ने शुक्रवार को 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इन दस सदस्यों में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के.मुरुगन, कार्यकारी उपाध्यक्ष राजकुमार और कोषाध्यक्ष रंजीत रॉय चौधरी के अलावा सात अन्य अधिकारी शामिल हैं।
इन सभी को 22 फरवरी को राजकुमार द्वारा बुलाई गई कोर समिति की असंवैधानिक बैठक में हिस्सा लेने के कारण निलंबित किया गया है। इस बैठक को महासचिव, अध्यक्ष या वीएफआई के किसी सदस्य द्वारा नहीं बुलाया गया था न ही बैठक से पहले किसी ने वीएफआई को इस बारे में सूचित किया था।
इससे पहले चौधरी ने 20 फरवरी को वीएफआई की कोर समिति को भंग कर दिया था और इस तरह की किसी बैठक को मंजूरी नहीं दी थी।
बावजूद इसके वीएफआई के अधिकारियों और राज्य के प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष और कार्यकारी समिति को बिना बताए देश की राजधानी में बैठक की और इंडियन वॉलीबाल लीग (आईवीएल) के बारे में जानकारी साझा की, जिसे असंवैधानिक मानकर इन सभी को निलंबित किया गया है। उस बैठक में लिए गए सारे फैसलों को भी रद्द कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों पर 24 फरवरी को हुए आईवी लीग के लोगो के उद्घाटन समारोह को बर्बाद करने की कोशिश का भी आरोप है।
निलंबित अधिकारियों को अपना पक्ष रखने देने के लिए पांच सदस्यीय अनुशासन समिति और कार्यकारी समिति की तीन मार्च को नागपुर में बैठक बुलाई गई है। निलंबित अधिकारियों से दो मार्च तक अपना लिखित जवाब देने को कहा गया है।
चौधरी ने इस पर कहा, “मैंने हमेशा से ही संविधान के दायरे में रहकर काम किया है। एक अध्यक्ष रहते हुए मेरा काम देश में वॉलीबाल के स्तर को बढ़ाना, खिलाड़ियों और पूर्व खिलाड़ियों, अधिकारियों, राज्य इकाइयों की बेहतरी के लिए काम करना है।”
उन्होंने कहा, “महासंघ का एक तबका नहीं चाहता कि पूरी पारदर्शिता बरती जाए इसलिए वह भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि अगर कोई खिलाड़ियों की वित्तीय हालत में सुधार लाने या राज्य इकाइयों और महासंघ के सुधारों के बीच आएगा तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
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