न्यूयार्क, 16 मई (आईएएनएस)। पेन्सिलवेनिया के पिट्सबर्ग में आयोजित इंटेल इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर (आईआईएसईएफ) में नौ भारतवंशी विद्यार्थियों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया।
विज्ञान मेले में पांच अमेरिकी विद्यार्थियों को भारत विज्ञान यात्रा के लिए भी चुना गया।
आईआईएसईएफ दुनियाभर के सर्वाधिक होनहार छात्रों, युवा वैज्ञानिकों, आविष्कारकों और अभियंताओं का प्रतिस्पर्धा के माध्यम से चुनाव कर उन्हें पुरस्कृत करता है। इस पुरस्कार के कई पूर्व विजेता अपने जीवन में नोबेल पुरस्कार सहित अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं।
आईआईएसईएफ का दूसरा सर्वोच्च पुरस्कार यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड 18 साल के करण जेरथ को दिया गया।
कोलकाता के ला मार्टीनियर स्कूल के 18 वर्षीय छात्र ओंकार सिंह गुजराल को एसोसिएशन ऑफ कंप्यूटिंग मशीनरी अवॉर्ड और नैनोमटेरियल डिटेक्टिंग के लिए इमेज प्रोसेसिंग एल्गोरिद्म प्रवृष्टि के लिए सिस्टम सॉफ्टवेयर श्रेणी में अवॉर्ड दिया गया।
इसके अलावा दिल्ली, कोझिकोड, मैंगलोर और पानीपत के छात्रों ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता।
एक भारतीय-अमेरिकी संस्था ने भी फेयर में 10 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। केंटुकी के लुईसविले की 17 वर्षीया छात्रा संजना जे. राणे को रेनल फिबरोसिस से संबंधित उनके काम के लिए जॉर्जिया की अष्टवधानी विद्वान अंबाती सुब्बाराया चेत्ती फाउंडेशन ने पुरस्कृत किया। इस संस्था द्वारा पुरस्कृत किए गए विद्यार्थियों में पांच भारतवंशी भी शामिल हैं।
पिट्सबर्ग में आईआईएसईएफ में हिस्सा लेने वाले 1,700 विद्यार्थियों का चयन दुनियाभर के 75 देशों में आयोजित प्रतिस्पर्धा के माध्यम से किया गया।
आईआईएसईएफ ने रिसर्च एंड इनोवेशन इन साइंस की पहल से नेशनल साइंस फेयर आयोजित कर भारत से कुल 17 विद्यार्थियों का चयन किया था।
पुरस्कृत भारतीय विद्यार्थियों में मानसी अग्रवाल, हर्षित जिंदल, रवि प्रदीप, अर्शशाह दिलबगई, आदित्य भार्गव, कोमल शामिल हैं।
आईआईएसईएफ के आयोजक सोसायटी फॉर साइंस एंड द पब्लिक की अध्यक्ष माया अजमेरा ने विजेताओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा, “ये प्रतिभावान युवा विद्यार्थी समस्या सुलझाने वाले हैं और अपनी पीढ़ी के आविष्कारक हैं।”
dharmpath.com dharmpath