नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह सचिव एल.सी.गोयल ने प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शनिवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) से क्षमता निर्माण का आह्वान किया।
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून से निपटने की तैयारी की समीक्षा के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन विभाग के राहत आयुक्तों/सचिवों के सालाना सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए गोयल ने यह बात कही।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है।
उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि केवल 21 राज्यों ने एसडीआरएफ का गठन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी राज्य दी गई समयावधि के अंदर इसका गठन कर लेंगे और राज्यों को 14वें वित्त आयोग द्वारा इस संदर्भ में दी गई धनराशि का इस्तेमाल करना चाहिए।
राज्य सरकारों की मदद के लिए केंद्र सरकार एनडीआरएफ के मौजूदा 10 बटालियनों के अतिरिक्त अपनी तरफ से पहले ही दो और बटालियन की मंजूरी दे चुकी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) राज्यों को तकनीकी व रसद संबंधी समर्थन मुहैया करा रहा है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन तीन ‘सी’- क्षमता, समन्वय तथा सामुदायिक भागीदारी- पर टिका हुआ है। आपदा प्रबंधन में गैर सरकारी संस्थाओं सहित नागरिक समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
गृह सचिव ने कहा कि भारत मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी प्रत्येक चेतावनी को गंभीरतापूर्वक लेना चाहिए, चाहे वह छोटी हो या बड़ी।
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