इंदौर, 10 मार्च (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के इंदौर में गुरुवार को एक ‘ब्रेनडेड’ घोषित युवक के अंगों से दूसरों को जीवन देने के लिए एक बार फिर दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। बीते छह माह में यह आठवां ऐसा मौका था, जब अंगों को इंदौर के दूसरे अस्पताल से लेकर दिल्ली तक हवाई मार्ग से भेजने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए।
इंदौर के विजयनगर क्षेत्र का रहने वाला गौरव जैन (36) तीन दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे सीएचएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।
सीएचएल अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, गौरव को ब्रेनडेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिजनों ने उसके अंग दान करने की इच्छा जताई, जिस पर अस्पताल प्रबंधन ने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बाइलिअरी साइंसेस (आईएलबीएस) से संपर्क किया। वहां से आए चिकित्सकों के दल ने सीएचएल अस्पताल में ऑपरेशन कर उसका दिल व गुर्दा निकालकर सुरक्षित रखवाया।
इन दोनों अंगों को हवाईअड्डे तक भेजने के लिए सीएचएल अस्पताल से गुरुवार सुबह पहला ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं, दूसरा कॉरिडोर सीएचएल अस्पताल से विजयनगर स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल तक बनाया गया, जहां गौरव का एक गुर्दा भेजा गया। दूसरा गुर्दा सीएचएल में ही एक अन्य व्यक्ति में प्रत्यारोपित किया गया।
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