नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। इंफोसिस सह-संस्थापक एन.आर. नारायणमूर्ति और कोका-कोला इंडिया अध्यक्ष वेंकटेश किनि ने गुरुवार को संकेत भाषा को देश की आधिकारिक भाषा बनाने की एक याचिका पर हस्ताक्षर किए।
याचिकाकर्ता ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय समाज अधिकारिता और सशक्तीकरण मंत्रालय से भी संकेत भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने का अनुरोध किया।
याचिका में कहा गया है कि प्रधानमंत्री का ‘एक्सेसेबल इंडिया’ का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब संकेत भाषा देश की आधिकारिक भाषा बनेगी।
संयुक्त याचिका में कहा गया है, “इससे करोड़ों लोग मुख्यधारा में जुड़ जाएंगे और हमारे समाज को एक समावेशी समाज बनाएंगे।”
लिम्का बुक ऑफ अवार्ड्स इन इंडिया द्वारा ‘स्पेशल पीपुल ऑफ द ईयर’ सम्मान देने के लिए आयोजित सालाना समारोह में मूर्ति ने कहा कि सरकार और कंपनियों को एक्सेसबल इंडिया का सपना पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “बिना एक समावेशी समाज बने भारत के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनने की कल्पना करना कठिन है।”
इस साल लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स की टीम ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में 15 विकलांग व्यक्तियों को भी सम्मानित किया है।
इस अवसर पर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स का पहला ब्रेल संस्करण भी जारी किया गया।
वेंकटेश किनि ने कहा, “इससे नेत्रहीन व्यक्ति मौजूदा रिकार्डो को जान पाएंगे और खुद भी नया रिकार्ड बनाने के लिए प्रेरित होंगे।”
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