कोरिया ने संवाददाताओं को बताया कि इस मेगा परियोजना के लिए पूंजी जुटाने के उद्देश्य से इक्वाडोर का प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया, चीन और भारत के दौरे पर है।
कोरिया ने कहा कि एशियाई देशों की इस रिफाइनरी में रुचि है, क्योंकि इनके पास ऊर्जा की कमी है जबकि इक्वाडोर जैसे देशों के पास पूंजी की कमी है।
उन्होंने कहा कि लंबी अवधि की साझेदारी से दोनों को लाभ होगा। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि पश्चिमी मनाबी प्रांत में मई 2017 के अंत तक परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
इस रिफाइनरी की अनुमानित लागत 13 अरब डॉलर है। इसमें प्रतिदिन 3,00,000 बैरल कच्चे तेल की शोधन क्षमता है।
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