इजरायल : कनान के महल में शराब बनाने का स्थान मिला

जरूशलम, 7 मार्च (आईएएनएस)। ताम्र युगकालीन कनान के महल में खुदाई के दौरान शोधकर्ताओं ने पहली बार शराब बनाने की जगह का पता लगाया है।

इजरायल के मध्य ताम्र युग में यह महल हुआ करता था। इजराइल का मध्य ताम्र युग ईसा पूर्व 1800 से 1550 साल पहले तक के समय को माना जाता है। यानी अब से करीब 3800 से 3500 हजार साल पहले महल में शराब तैयार होती थी।

महल में बहुत अच्छी गुणवत्ता वाली शराब बनती थी। कनान का शासक परिवार अपने अतिथियों पर अच्छा प्रभाव जमाने के लिए इनका प्रयोग करता था। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके अलावा महत्वपूर्ण परिवारों के मुखिया, शहर के बाहर से आए अतिथियों और पड़ोसी देशों के आए राजनयिकों पर भी इसका अच्छा प्रभाव पड़ता था।

इजरायल के हैफा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर आसफ यासुर लंदाउ ने कहा, “कनान शहर के सभी नागरिक अपने अंगूर के बाग में साधारण शराब तैयार कर सकते थे। लेकिन, जो शराब हमें मिली है उसे परोसने के पहले देवदार की लकड़ी के तेल और पश्चिमी अनतोलिया के पेड़ के राल, स्वाद बढ़ाने वाले अन्य पेड़ों के राल और मधु को मिलाकर संवर्धित किया जाता था। वैसी शराब केवल महल में ही पाई जा सकती थी।”

शोधकर्ताओं ने सामान रखने वाले ऐसे कमरों का पता लगाया है जिनमें संभवत: विभिन्न स्वाद मिलाने के लिए शराब रखी जाती थी। साथ ही ऐसे खाली जार रखे जाते थे जिन्हें इन मिश्रित शराब से भरा जा सके।

शोधकर्ताओं का कहना है कि सीरिया की लुप्तप्राय भाषा (यूगेरिटिक) वाले दस्तावेजों के अनुसार, उन कमरों में रखी शराब की कीमत कम से कम 1900 चांदी के सिक्कों के बराबर आंकी गई है।

पुरातात्विक खुदाई का यह काम 2015 में किया गया था। उसी से पहले खोजे गए उत्तर की ओर खुलने वाले कमरों से दूसरे भवन में जाने का रास्ता मिला।

दोनों तरफ के रास्तों में छोटे कमरे मिले जिनमें अतिरिक्त जार रखे हुए थे। दक्षिण की ओर भी एक कमरा मिला जिसमें बहुत सारे जार भरे थे। ये छत और दीवारों के ढहने से उसके नीचे दब गए थे। वह शराब रखने का ही एक अतिरिक्त कमरा था।

दो साल पहले इन कमरों में से एक में करीब 40 बड़े-बड़े जार बरामद हुए थे और वे भी बिल्कुल सही अवस्था में। उनके रासायनिक विश्लेषण से यह साबित हुआ कि वे कभी विशेष स्वाद वाले शराब से भरे गए थे।

‘उत्तरी इजराइल में खुदाई एवं अध्ययन’ नाम की इस रिपोर्ट को हैफा विश्वविद्यालय एवं अमेरिका के ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में गत 16 मई को पेश किया गया था।

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