इतना खतरनाक क्यों है कोरोनावायरस

बीजिंग/नई दिल्ली, 10 फरवरी-चीन में 900 लोगों की जान लील चुका कोरोनावायरस आखिर इतना खतरनाक क्यों है? इसकी वजह यह है कि यह हवा से लोगों में फैलता है। यही वजह है कि सिंगापुर में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए एयर कंडीशनर को बंद रखें और ताजा हवा के लिए पंखे का उपयोग करें। नोवेल कोरोनावायरस के मुख्य लक्षण हैं बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत। रेडियोलॉजिकल साक्ष्य निमोनिया जैसे होंगे। 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत मामलों में रोग इतना गंभीर हो सकता है कि वेंटिलेटरी सहायता की जरूरत पड़े। ऐसे मामलों में मृत्यु-दर लगभग दो प्रतिशत है। मनुष्य से मनुष्य में संप्रेषण के मामले नोवेल कोरोनावायरस में देखे गए हैं तथा ये संक्रमित व्यक्ति के पास रहने वाले लोगों में ड्रापलेट्स/एयरोसोल के माध्यम से फैलता है।

एक चीनी विशेषज्ञ का मानना है कि कोरोना वायरस लोगों को हवा के माध्यम से संक्रमित कर सकता है। वहीं एक आस्ट्रेलियाई विशेषज्ञ का कहना है कि इस बात की पुष्टि के लिए अभी और सबूत की जरूरत है।

चीनी विशेषज्ञ शंघाई सिविल अफेयर्स ब्यूरो के झेंग क्यून ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण सीधे किसी व्यक्ति के संपर्क में आने, हवा से सीधा संक्रमण और एयरोसोल संक्रमण हो सकता है। उन्होंने कहा कि एयरोसोल संक्रमण वह है, जो कि किसी परफ्यूम स्प्रे या अन्य स्प्रे की वजह से हवा में फैलता है और किसी अन्य व्यक्ति के उस हवा को सांस लेने से फैलता है।

वहीं आस्ट्रेलियन विशेषज्ञ एसोसिएट प्रोफेसर इयान मैके ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि कोरोनावायरस हवा से फैल रहा हो। उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि हवा में जेल की मौजूदगी में वायरस ट्रैवल कर रहा हो, हालांकि इस बात की पुष्टि के लिए अभी सबूत नहीं हैं।

नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को संसद को जानकारी दी कि कोरोनावायरस (विषाणु) चाइनीज सी-फूड यानी मछलियों समेत अन्य समुद्री खाद्य प्राणियों से फैलना शुरू हुआ। बेहद कम समय में यह विषाणु चीन के सभी प्रांतों में फैल गया। भारत को नोवेल कोरोनावायरस के संबंध में चीन से पहली सूचना 31 दिसंबर को मिली थी।

मंत्री ने कहा कि दिसंबर की शुरुआत में इस वायरस के प्रकोप को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर के सीफूड बाजार में नोटिस किया गया था। वहां से यह वायरस पहले वुहान शहर और फिर चीन के 30 अन्य राज्यों में फैल गया।

उन्होंने कहा, “नोवेल कोरोना वायरस के बड़े समूह के कारण इंसानों तथा जानवरों में बीमारियां फैलती हैं। पशुओं में पनपे कोरोना वायरस कभी-कभार विकसित होकर लोगों को संक्रमित करते हैं तथा उसके बाद वायरस अन्य लोगों में फैलने लगते हैं।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 30 जनवरी को इस महामारी को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न (पीएचआईईसी) घोषित किया। इस वायरस से संक्रमित होने के बाद किसी सामान्य व्यक्ति के शरीर में बीमारी विकसित होने में लगभग दो सप्ताह लग सकता है।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “नोवेल कोरोनावायरस को और फैलने से रोकने के लिए इस रोग के सभी संदिग्ध एवं संभावित मामलों को बैरियर नर्सिग एवं संपूर्ण सावधानियों के साथ अलग से उपचार किया जाना चाहिए।”

भारत में अभी तक कोरोनावायरस के तीन मामले सामने आए हैं। तीनों रोगी केरल के हैं और इन तीनों ने पिछले दिनों चीन के वुहान शहर की यात्रा की थी।

उल्लेखनीय है कि चीन में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 900 से पार हो गई है, जबकि कन्फर्म मामलों की संख्या भी बढ़कर 40,000 हो गई है।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों और शिंजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स से रविवार को कोरोनवायरस संक्रमण के कन्फर्म 3,062 नए मामलों और 97 मौतों की जानकारी मिली है।

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493