रांची, 15 मई (आईएएनएस)। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (एजेएसयू) के विधायक विकास मुंडा ने सोमवार को इनामी नक्सली कमांडर कुंदन पाहन के आत्मसमर्पण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की मांग की है।
15 लाख रुपये के इनामी कुंदन ने रविवार को झारखंड पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
कुंदन ने 2008 में विकास के पिता पूर्व मंत्री रमेश सिंह की हत्या कर दी थी। कुंदन पर कुल 128 मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या के 70 मामले शामिल हैं।
2009 में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक फ्रांसिस इंदुवर का सिर कलम करने के पीछे भी कुंदन का ही हाथ था।
विकास मुंडा ने सोमवार को कहा, “नक्सलियों के हाथों मारे जाने वाले आम नागरिकों को एक लाख रुपये का मुआवजा मिलता है और मासूम लोगों की हत्या करने वाले एक नक्सली को 15 लाख रुपये दिए जाते हैं।”
उन्होंने कहा, “कुंदन पाहन के आत्मसमर्पण की सीबीआई से जांच कराया जाना चाहिए और कुंदन को फांसी दे देनी चाहिए।”
झारखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार में एजेएसयू घटक दल है।
राज्य के मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी कुंदन के आत्मसमर्पण पर सवाल उठाए हैं।
जेएमएम के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा है, “राज्य सरकार और पुलिस कुंदन पाहन को रॉबिन हुड की तरह पेश कर रही है। जिस तरह उसके आत्मसमर्पण की खबरें फैलाई गईं, उससे लगता है कि इसके पीछे राज्य सरकार के कुछ निहितार्थ हैं।”
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