कैनबरा, 25 फरवरी (आईएएनएस)। इराक में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से लड़ने के लिए ऑस्ट्रेलिया वहां और सैनिक भेज सकता है। मीडिया रपटों में ऐसा अनुमान जताया गया है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप ने इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन उन्होंने इतना अवश्य कहा कि इराक में ऑस्ट्रेलिया की मौजूदगी को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया ने आईएस से लड़ने के लिए अपने 200 विशेष सुरक्षाकर्मियों को विदेश भेजा है। ऐसी खबरें हैं कि वह जल्द ही इराकी सैनिकों को प्रशिक्षण सहायता मुहैया कराने के लिए न्यूजीलैंड के साथ हाथ मिला सकता है।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को इराक भेजने संबंधी रपटें न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की के मंगलवार के बयान के बाद सामने आई, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका देश 143 अतिरिक्त सैनिकों को इराक भेजेगा।
जॉन ने न्यूजीलैंड की संसद में कहा था, “यह ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त प्रशिक्षण मिशन हो सकता है।”
हालांकि जॉन के इस बयान के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री बिशप ने इस बारे में बहुत अधिक खुलासा नहीं किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बिशप ने बुधवार को केवल इतना कहा, “बेहतरीन नतीजों को ध्यान में रखकर हम इराक में अपनी उपस्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। इस बारे में प्रधानमंत्री ही कोई घोषणा कर सकते हैं।”
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री केविन एंड्रयूज ने भी इस तरह के अनुमानों को खारिज किया कि उनके देश ने इराक में अतिरिक्त सेना भेजने का निर्णय कर लिया है।
उनके प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया इस पर इराक, अमेरिका तथा अन्य साझीदार देशों से लगातार बात कर रहा है कि इराकी सरकार की किस प्रकार मदद की जा सकती है।
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