इस मौके पर जौनपुर के इमाम-ए-जुमा व जामिया नासिरिया ईमानिया कालेज के प्रिन्सिपल मौलाना महफुजूल हसन खां ने ईद-ए-जहरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन बड़ा ही महत्वपूर्ण है। इस दिन अहलैबैत (अ.स.) के घर खुशियां मनाई गईं। इस दिन को ईदेशुजा भी कहते हैं। यह जुल्म के खिलाफ मजलूमों की ईद भी है।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर जो भी कार्यक्रम हो, वह शरीयत के दायरे में होने चाहिए। जामिया इमामे जाफरे सादिक अ.स. जौनपुर के मुदीर मौलाना सैयद सफदर हुसैन जैदी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ईदे जहरा का बहुत महत्व है। आज के दिन बातिल ताकतों के मुकाबले में हक की विजय हुई। मजलूमों को आज के दिन न्याय प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि आज ही के दिन हमारे इमामे जमाना की इमामत का भी शुभारंभ होता है। जौनपुर अजादारी कौंसिल के अध्यक्ष सैयद मो. हसन ने अय्यामे अजा के 2 माह 8 दिन सकुशल संपन्न हो जाने पर सभी मातमी अंजुमनों, मजलिसों व शब्बेदारियों/जुलूसों के आयोजकों तथा कमेटियों व जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन, विद्युत विभाग इत्यादि का शुक्रिया अदा किया।
इस अवसर पर जौनपुर अजादारी कौंसिल के संयोजक व संस्था के लोगों के द्वारा सोशल मीडिया के प्रख्यात विशेषज्ञ व जौनपुर अजादारी कौंसिल के संरक्षक मंडल के सदस्य एस.एम. मासूम को 9 वर्षों से लगातार अजादारी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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