नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। दुनियाभर में लोकप्रिय पीयर-टू-पीयर क्राउड-फंडिंग को नियमित करने से संबंधित नियम अगले तीन महीने में तैयार हो जाएंगे। यह बात वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही है। इसके तहत बड़े स्तर पर ऋण देने और लेने वालों के बीच संपर्क बनाया जाता है।
नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। दुनियाभर में लोकप्रिय पीयर-टू-पीयर क्राउड-फंडिंग को नियमित करने से संबंधित नियम अगले तीन महीने में तैयार हो जाएंगे। यह बात वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कही है। इसके तहत बड़े स्तर पर ऋण देने और लेने वालों के बीच संपर्क बनाया जाता है।
अधिकारियों ने कहा कि यह प्रस्ताव वेब आधारित प्लेटफार्म के लिए है, जिसमें ऋण लेने और देने वालों के बीच संपर्क स्थापित किया जाता है और ऋण लेने के लिए बैंकों, फंडिंग संस्थानों या असंगठित फाइनेंसरों के पास जाने की जरूरत नहीं रहती है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “बजट में इसकी घोषणा की गई थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस पर एक चर्चा पत्र भी जारी किया है। यह उनकी सिफारिशों के साथ हमारे पास परामर्श के लिए आएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिशानिर्देश जारी कर दिया जाएगा।”
अधिकारी ने कहा, “मेरे खयाल से यह अगले तीन-चार महीने में पूरा हो जाएगा।”
प्रस्तावित नियामकीय ढांचा के तहत अनुमति दी गई गतिविधियां, कुछ सरकारी मुद्दे, प्लेटफार्म की कारोबार जारी रखने की योजना और ग्राहक इंटरफेस तथा अनिवार्य रिपोर्टिग जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश आम बजट में अन्य बातों के अलावा आरबीआई से ऋण देने और लेने वालों के लिए एक एक एनेबलिंग मैच-मेकिंग ई-प्लेटफार्म बनाने के लिए कहा गया था।
पीयर-टू-पीयर लेंडिंग में ब्याज दर या तो प्लेटफार्म तय करता है या फिर ऋण देने और लेने वाले आपसी सहमति से तय करते हैं।
ऋण देने और लेने वाले विभिन्न सेवाओं के लिए प्लेटफार्म को शुल्क देते हैं।
ब्रिटेन के पीयर-टू-पीयर फाइनेंस एसोसिएशन के मुताबिक ऐसे प्लेटफार्म के जरिए वैश्विक ऋण 2012 के 2.2 अरब पाउंड से बढ़कर 2015 में 4.4 अरब पाउंड हो गए हैं।
एसोसिएशन की रपट के मुताबिक, भारत में गत एक साल में करीब 20 ऑनलाइन पीयर-टू-पीयर लेंडिंग कंपनियों की स्थापना हुई है, जिससे ऐसी कंपनियों की कुल संख्या बढ़कर 30 हो गई है।
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