नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। भारतीय फिल्मों और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों में समान रूप से सक्रिय अभिनेता इरफान खान का कहना है कि उन्होंने कभी अपने उच्चारण को लेकर भेदभाव का सामना नहीं किया।
यह पूछे जाने पर कि अक्सर विदेशों में अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं पर काम करने वाले भारतीय कलाकारों को अंग्रेजी के संवादों को उसी लहजे में बोलने में दिक्कत होती है। क्या उन्हें कभी इस तरह की समस्या हुई है?
इस पर उन्होंने कहा, “नहीं, सौभाग्य से जब मैंने अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म की, तो मैंने एक बंगाली की भूमिका निभाई थी और कुछ ऐसी फिल्में भी थीं, जिनके लिए मुझे विदेशी उच्चारण करना था। अमेरिकी उच्चारण के तौर पर बांग्ला मेरे लिए महत्वपूर्ण थी। मुझे यही करना था।”
उन्होंने कहा, “हर बार आपको वह उच्चारण अपनाना होता है, जहां का किरदार होता है और आपको लहजे के साथ इसका उच्चारण करना होगा। यह काम का हिस्सा है। चाहें आप पान सिंह तोमर की भूमिका निभा रहे हों या कुछ और। कलाकार के रूप में आपको उच्चारण सीखना होता है। यह सिर्फ भारतीय या अमेरिकी उच्चारण के बारे में नहीं है।”
उन्होंने कहा, “यदि किसी परियोजना के लिए इसकी आवश्यकता है, तो मैं इसे हासिल कर लेता हूं, लेकिन इसके लिए मुझे भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा।”
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