उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया भागीदारी की इच्छुक

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के उच्च शिक्षा का एक 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों भारत के दौरे पर है। यह प्रतिनिधिमंडल ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के बीच शोध एवं शैक्षणिक गठजोड़ की संभावनाएं तलाश रहा है।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के उच्च शिक्षा का एक 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों भारत के दौरे पर है। यह प्रतिनिधिमंडल ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के बीच शोध एवं शैक्षणिक गठजोड़ की संभावनाएं तलाश रहा है।

ऑस्ट्रेलिया-भारत के सफल रिसर्च सहयोग पर बुधवार को यहां एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें शोध के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया-भारत के सफल गठजोड़ का प्रदर्शन किया गया और विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की गई।

इस संगोष्ठी में कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में नवोन्मेशी नैनो-बायोटेक्नोलॉजी समाधान विकसित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की टेरी डेकिन नैनोबायोटेक्नोलॉजी सेंटर-डेकिन यूनिवर्सिटी और टेरी के बीच एक संयुक्त साझेदारी पर चर्चा की गई।

ऑस्ट्रेलिया के नेशनल ट्रॉमा रिसर्च इंस्टीट्यूट और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के बीच भारत में ट्रॉमा केयर और पुनर्वास की प्रणालियों में नवोन्मेशों के प्रभाव की जांच के लिए की गई साझेदारी पर भी चर्चा हुई।

आयरन युक्त केले विकसित करने के लिए क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी विभाग, भारत सरकार की परियोजना के बारे में चर्चा की गई।

ऑस्ट्रेलिया सरकार की ऑस्ट्रेलियन व्यापार और निवेश आयोग के व्यापार आयुक्त पीटर कोलमैन ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का केंद्र है, 7 ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के मुताबिक दुनिया में सर्वश्रेश्ठ 100 विश्वविद्यालयों में शामिल हैं। हम भारत से अधिक छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में ऐसे पाठ्यक्रमों में पढ़ने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं जिनमें ऑस्ट्रेलिया पूरी दुनिया में अग्रणी है और इनमें पुरातत्व, भूमि एवं समुद्र विज्ञान, खनिज एवं खान इंजीनियरिंग, पर्यावरण विज्ञान, नर्सिग, फामेर्सी एवं फार्माकोलॉजी और पशु विज्ञान शामिल हैं।”

पीटर कोलमैन ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया प्रौद्योगिकी, डिजिटल, रोबोटिक्स, मीडिया एवं मनोरंजन, वैज्ञानिक शोध, स्वास्थ्य एवं फ्यूचर मैटेरियल्स जैसे उभरते हुए या भविष्य के विषयों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र है। ये प्रोग्राम दक्षिण एशिया के छात्रों को भविष्य में रोजगार वृद्धि के क्षेत्र में वैश्विक करियर के लिए आधार मुहैया कराएगा।”

ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (एनयूईपीए) के कुलपति प्रोफेसर एन. वी. वर्गीरा और एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च (एसीएसआईआर) के निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह सांगवान से भी मुलाकात की और भारतीय उच्च शिक्षा नीति और उसके विकास के बारे में चर्चा की।

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