भोपाल, 20 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने दावा किया है कि धार्मिक नगरी उज्जैन के एक छात्रावास से बरामद हुई विस्फोटक साम्रगी के मामले में तीन लोगों की संदिग्ध भूमिका रही है। इस मामले में पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं।
पुलिस महानिरीक्षक संजीव शर्मा ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया कि शनिवार को उज्जैन स्थित एक छात्रावास के एक कमरे में एक बैग मिला था, जिसमें 25 डिटोनेटर, 2.77 किलोग्राम विस्फोटक और छह मीटर लंबा तार मिला था। इस मामले में तीन लोगों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। इन संदिग्धों की उम्र 30 से 40 के बीच है। उन्हें पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है
उन्होंने बताया कि उनके हाथ कुछ अहम जानकारी लगी है, जिसके बाद मामला सुलझने के करीब पहुंच गया है।
उज्जैन में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है। यहां अप्रैल-मई में सिंहस्थ कुंभ होने वाला है।
मध्य प्रदेश के आगर निवासी एक युवक ने शुक्रवार को उज्जैन के छात्रावास में एक कमरा बुक कराया था। वह कुछ देर बाद सामान कमरे में छोड़कर फरार हो गया। उसने छात्रावास में पहचान के लिए आधार कार्ड जमा कराया था, जो फर्जी निकला। मामले की जानकारी शनिवार को पुलिस को दी गई, जिसने कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक बैग में विस्फोटक मिला। विस्फोटक की मात्रा को लेकर उज्जैन पुलिस अधीक्षक एम.एस. वर्मा और एटीएस के आईजी के बयानों में मेल नहीं है।
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