उज्जैन, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ की औपचारिक शुरुआत के मौके पर मंगलवार को निकली पहली पेशवाई में साधु-संत अपने पारंपरिक रंग में दिखे। पहली पेशवाई श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े की है।
उज्जैन, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ की औपचारिक शुरुआत के मौके पर मंगलवार को निकली पहली पेशवाई में साधु-संत अपने पारंपरिक रंग में दिखे। पहली पेशवाई श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े की है।
सिंहस्थ कुंभ में ठाठ-बाट के साथ साधु-संतों के प्रवेश को पेशवाई कहा जाता है। वैसे तो सिंहस्थ आम जनों के लिए 22 अप्रैल से शुरू हो रहा है, मगर साधु-संतों के प्रवेश की शुरुआत मंगलवार को पहली पेशवाई के माध्यम से हो गई। इस पेशवाई में जूना अखाड़े का वैभव और शक्ति साफ दिखी।
राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस पेशवाई में शामिल हुए। उन्होंने कहा, “आज प्रसन्नता का दिन है, क्योंकि सिंहस्थ की पहली पेशवाई निकली है।” इस पेशवाई में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज भी शामिल हुए।
साधु-संत पेशवाई में नाचते गाते चल रहे हैं। विभूति से रंगे और बड़े-बड़े केशधारी साधु आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। किसी के हाथ में त्रिशूल, तो कोई दंड थामे हुए है। इस पेशवाई में दो हाथी, घोड़े, कई बैन्ड एवं बग्घियां शामिल हैं।
dharmpath.com dharmpath