मालूम हो कि प्रधानमंत्री ने रविवार को बलिया में उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन बांटे।
प्रदेश कांग्रेस के जनसंपर्क विभाग के वाइस चेयरमैन वीरेंद्र मदान ने गैस कनेक्शन बांटने की योजना को मोदी सरकार की उपलब्धि बताए जाने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जाने की योजना पूर्ववर्ती यूपीए-2 सरकार के रहते वर्ष 2010 में ही बन गई थी।
उन्होंने कहा कि इसमें पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तत्कालीन पेट्रोलियम राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने उप्र के दो जिलों- सीतापुर एवं लखीमपुर में एक लाख गैस कनेक्शन बांटकर इस योजना की शुरुआत की थी।
मदान ने कहा कि मोदी सरकार ने यूपीए-2 के कार्यकाल में शुरू की गई योजना को नया नाम देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि यूपीए-2 सरकार के दौरान वर्ष 2010-11 में तत्कालीन वित्तमंत्री द्वारा बीपीएल परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन दिए जाने के मद में बजट में टोकन मनी के तौर पर कुछ धनराशि का प्रावधान किया गया था तथा प्रतिवर्ष 490 करोड़ रुपये का भार वहन करते हुए पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा दो वर्ष में 70 लाख गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन दिए जाने की व्यवस्था की गई थी।
dharmpath.com dharmpath