नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी विधायकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग का वीडियो यहां शनिवार को जारी किया और उन पर अपनी सरकार को बचाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया।
वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस के बागी विधायक हरक सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री कांग्रेस के नौ बागी विधायकों और कुछ भाजपा विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बागी विधायकों को जान से मारने की धमकी भी मिल रही है।
हरक सिंह ने कहा, “हमने अपनी सुरक्षा की चिंता भारत सरकार से जाहिर की है, क्योंकि हमलोगों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। हमने भारत सरकार से सुरक्षा की मांग की है। हमने राज्यपाल से इस भ्रष्ट माफिया सरकार को तुरंत बर्खास्त करने को कहा है।”
उधर, उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को नोटिस भेजकर उनसे उनके 26 मार्च के कारनामों के आलोक में जवाब मांगा है।
नोटिस में कहा गया है कि पार्टी का अनुशासन भंग करने और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सांठगांठ करने के लिए क्यों नहीं उन्हें सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया जाना चाहिए।
रावत ने आगे कहा, “हमलोगों ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर पूरी स्थिति की जानकारी दी है और उनसे आपत्ति जाहिर करने के लिए आग्रह किया है। राज्य में संवैधानिक संकट है।”
उल्लेखनीय है कि दो सप्ताह पहले हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस के नौ विधायकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से तब बगावत कर ली, जब इन्होंने सदन में मत विभाजन की मांग की, जिसे अध्यक्ष ने ठुकरा दिया था।
इस संकट के उत्पन्न होने से पहले विधानसभा में कांग्रेस के 36 विधायक थे और उसे प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा के छह विधायकों का भी समर्थन प्राप्त था, जबकि विपक्षी पार्टी भाजपा के 28 विधायक हैं।
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