मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने को लेकर शिव सेना ने बुधवार को भाजपा पर प्रहार किया। घटक दल ने भाजपा पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया।
शिव सेना के मुख पत्र ‘सामना’ के संपादकीय में पार्टी ने चेतावनी दी है कि भारतीय जनता पार्टी यह कार्रवाई कांग्रेस शासित राज्यों, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में भी दोहरा कर देश में राजनीतिक स्थिरता और आरजकता की स्थिति उत्पन्न कर सकती है।
शिव सेना ने कहा है कि उत्तराखंड में कांग्रेस नीत सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा ने नौ कांग्रेसी विधायकों का इस्तेमाल किया, जबकि राज्यपाल ने बहुमत सिद्ध करने के लिए 28 मार्च तक का समय दिया था।
शिव सेना ने पूछा, “एक दिन पहले यानी 27 मार्च को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। इससे भाजपा को क्या लाभ हुआ?”
बर्खास्त मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य में राष्ट्रपति शासन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। न्यायालय ने उन्हें सदन में बहुमत सिद्ध करने का आदेश दिया।
शिव सेना ने कहा, “सबसे अहम पक्ष यह है कि बहुमत सिद्ध करने के दौरान उच्च न्यायालय के रजिस्टार सदन में उपस्थित रहेंगे। उच्च न्यायालय के इस फैसले का बड़ा और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।”
शिव सेना ने कहा कि सबसे पहले भाजपा ने कांग्रेस शासित राज्य अरुणाचल प्रदेश में जोर अजमाया। इसके बाद उत्तराखंड को चुना। कांग्रेस शासित राज्य हिमाचल और मणिपुर में भी वह इस तरह की कार्रवाई कर सकती है।
शिव सेना का मानना है, “हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तब से भाजपा के राडार पर हैं, जब उन्होंने धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच आयोजित करने से मना कर दिया था। भ्रष्टाचार का मामला उनके खिलाफ पहले ही शुरू किया जा चुका है। अगर हिमाचल में उत्तराखंड दोहराया जाता है तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।”
शिव सेना ने कहा, “ऐसा कर भाजपा विरोधी दलों को एकजुट होने का अवसर प्रदान कर रही है।”
शिव सेना ने कांग्रेस के लिए अपना विरोध दोहराते हुए स्पष्ट कहा कि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को प्रजातांत्रिक तरीके ही हटाया जाना चाहिए, नहीं तो इससे राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न होगी।
शिव सेना ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज का सबसे बड़ा महत्व है, जिसे दबाना नहीं चाहिए। एक दलीय सरकार तो आपातकाल और अधिनायकतंत्र से भी बुरी होती है।
शिव सेना ने चेतावनी दी, “अगर विपक्ष को निशाना बनाया गया और उसका नाश किया गया और घटक दलों पर जहर का प्रयोग किया गया तो देश बर्बाद हो जाएगा।”
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