लखनऊ, 27 जून (आईएएनएस)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के तीन दिन बाद बड़े इमामबाड़े का ताला शुक्रवार देर रात खोल दिया गया। सरकार ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद की तीन शर्तो पर हामी भरी, जिसके बाद ताला खोला गया।
इमामबाड़ा का ताला खुलवाने के लिए मौलाना कल्बे जव्वाद के पास प्रमुख सूचना सचिव नवनीत सहगल के साथ जिलाधिकारी राजशेखर व एसएसपी राजेश पांडेय भी पहुंचे।
लखनऊ के जिलाधिकारी राजशेखर ने बताया कि कल्बे जव्वाद की तीन प्रमुख मांगें मान ली गई हैं। इसमें हुसैनाबाद ट्रस्ट की निगरानी के लिए समिति बनाया जाना भी शामिल है।
गौरतलब है कि दोनों इमामबाड़े एक ही परिसर के भीतर हैं और इन पर पांच जून से ताले पड़े थे। शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव और इसके अध्यक्ष पद पर वसीम रिजवी को निर्वाचित किए जाने के विरोध में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद आंदोलन कर रहे थे।
इसी के खिलाफ दायर याचिका पर न्यायालय ने मंगलवार को दोनों इमामबाड़ों के ताले खोलने का आदेश दिया था।
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